बजट में लघु अवधि के लिए कुछ भी नहीं दिख रहा है। बजट उस समय आया जब देश की जीडीपी धीमी है। इस बजट से ज्यादा बड़ी उम्मी नहीं की जा सकती। डिस्पोजल इनकम को बढ़ाया जाना चाहिए। टैक्स में भी राहत दी जानी चाहिए थी।-प्रो. प्रकाश चंद अंथाल, अध्यक्ष अर्थशास्त्र, जम्मू विवि
देश के लिए एक सकारात्मक बजट है। भारत का 22.5 प्रतिशत टैक्स विश्व का सबसे कम टैक्स है। टैक्स में पांच लाख छूट मिली है जिससे नौकरीपेशा व सामान्य लोगों को फायदा होगा। वे बचत कर सकेंगे। लेकिन देश विकास के लिए अमीरों को जरूर टैक्स देना चाहिए।- राघव गुप्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट
माइक्रो इकोनॉमी के हिसाब से बजट अच्छा है। उपभोक्ताओं को टैक्स का फायदा दिया गया है। इसमें छोटे स्तर की टैक्स प्लानिंग की गई है। लेकिन पूरी तरह से देखा जाए तो ये एक सामान्य बजट है। सरकारी कार्यालयों में मैनपॉवर की कमी है। - प्रो. समीर गुप्ता, निदेशक बिजनेस स्कूल, जेयू
बजट में स्टार्ट-अप इंडिया पहल पर ध्यान केंद्रीय किया गया है। जिसके लिए 100 प्रतिशत टैक्स फायदा दिया गया है। इससे निचले स्तर से देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में बहुत मदद मिलेगी। - अनुभव अग्रवाल, फ्रेंचाइज फाइनेंस कंसल्टेंट