पांच सालों तक संसद में पेश हुआ बजट
2020-21, 2021-22, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 जम्मू और कश्मीर में विधान सभा की अनुपस्थिति में संसद द्वारा बजट प्रस्तुत और पारित किया गया। 2024-25 के लिए संसद में 1,18,728 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। जम्मू-कश्मीर का 2023-24 का बजट भी 1,18,500 करोड़ रुपये का था।
विधायकों को अभी विधानसभा सत्र के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। बिश्नाह के विधायक डा. राजीव कुमार ने बताया कि उन्हें अभी विधानसभा सत्र के लिए सूचित नहीं किया गया है। इसके साथ विधायकों को अभी सवाल बनाने के लिए भी नहीं कहा गया है। जम्मू पूर्व के विधायक युद्धवीर सेठी ने कहा कि मार्च के शुरू में बजट सत्र प्रस्तावित है, लेकिन अभी सूचित नहीं किया गया है।
उमर सरकार की गारंटियों को प्राथमिकता देने की कोशिश
चुनाव के दौरान उमर सरकार ने योग्य परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 5000 रुपये मासिक देने, साल में 12 रसोई गैस सिलिंडर व राशन देना, कृषि व बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ तीन लाख नौकरियां देने, पर्यटन-उद्योग को बढ़ावा देना आदि की गारंटियां दी हैं। जिससे बजट में इन गारंटियों को शामिल करना सरकार की प्राथमिकता होगी।
केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगासूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री और अन्य मंत्रियों से मुलाकात में जम्मू कश्मीर को 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की थी। अगर केंद्र चाहेगा तो इसे आगामी बजट में किसी घटक में शामिल करके दिया जा सकता है। सूत्रों ने यह भी बताया कि जम्मू कश्मीर के वित्त विभाग की ओर से बजट प्रस्तावों के लिए प्रशासनिक सचिवों को खर्चे में कटौती करने के लिए कहा है। इससे आगामी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के फिजूल खर्चों पर नकेल कसी जा सकती है।