बदले जम्मू-कश्मीर को इस बार आम बजट के साथ रेल बजट से काफी उम्मीदें हैं। प्रदेश में रेल नेटर्वक को मजबूती मिलने के साथ लंबे समय से अटकी पड़ीं रेल लाइन परियोजनाओं और रेलवे डिवीजन पर काम शुरू होने की भी उम्मीद है। नए रेल लाइन में कठुआ-बसोहली-भद्रवाह रेल लाइन, जम्मू-अखनूर-राजोरी रेल लाइन और बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन पर बड़ी घोषणा की उम्मीद है। हालांकि इनमें जम्म-अखनूर-राजोरी रेल लाइन का सर्वे पूरा कर लिया है।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर बदलाव के दौर से गुजर रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बड़ा योगदान है, जहां पर्यटकों के पहुंचने का आसान माध्यम रेल है। ऐसे में सरकार इस बार रेल बजट में जम्मू और श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा तक नए ट्रेन चलाने की घोषणा कर सकती है। धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित कटड़ा में रेलवे स्टेशन को मॉडल रेलवे स्टेशन बनने को लेकर पहल हो सकती है। वहीं जम्मू में रेल डिवीजन शुरू होने की भी उम्मीद है।
एडीआरएम जम्मू रमणीक सिंह ने कहा कि जम्मू में रेल डिवीजन बनने से रेल प्रोजेक्ट को गति मिलेगी, जिससे रेल के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी।
जमीन पर नहीं दिख रही पिछले बजट की घोषणाएं
2016 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जम्मू रेलवे स्टेशन के विकास के लिए 180 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी। राशि मंजूरी के तीन साल बाद भी रेलवे स्टेशन के लिए सेकेंड एंट्री का काम धरातल पर नहीं दिख रहा है। रेलवे सेकेंड के काम शुरू होने से पहले गुड्स गोदाम बाड़ी ब्राह्मण शिफ्ट किया जाना है, लेकिन अभी तक गोदाम भी शिफ्ट नहीं हो पाया है।
सभी राज्यों की राजधानी से नहीं जुड़ पाया कटड़ा
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष की घोषणा के चार साल बाद भी कटड़ा सभी राज्यों की राजधानी से नहीं जुड़ पाया है। 2015 में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कटड़ा तक सभी राज्यों की राजधानी से रेल सेवा शुरू करने की बात कही थी। अभी भी ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक के लिए ट्रेन सेवा नहीं है।