उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बडगाम जिले में चरार-ए-शरीफ दरगाह में माथा टेका। उन्होंने आध्यात्मिक नेताओं, जन प्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की। इस दौरान पर्यटन की संभावना और चरार-ए-शरीफ में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने सहित संसाधनों का दोहन करने के उपायों पर चर्चा की।
लोगों की मांगों पर उपराज्यपाल ने कहा कि यूटी प्रशासन लोगों की विकासात्मक आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से लिया जाएगा।
उपराज्यपाल ने चरार-ए-शरीफ में कश्मीर विश्वविद्यालय के बहुविषयक अध्ययन के लिए शेख-उल-आलम केंद्र की शाखा स्थापित करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, सूफी संत शेख-उल-आलम, जिन्हें नुंद ऋषि के नाम से भी जाना जाता है, उनका जीवन भारत की विविधता में एकता का सबसे अच्छा उदाहरण है।
भाईचारा, प्रेम, सद्भाव की उनकी शिक्षाएं दुनिया को प्रेरित करती रहती हैं। उन्होंने कहा, चरारे शरीफ में शेख-उल-आलम सेंटर फॉर मल्टी डिसिप्लिनरी स्टडीज की शाखा मानवतावाद और सभी आध्यात्मिक धाराओं के सम्मान के उनके विचारों और आदर्शों का प्रसार करेगी। उन्होंने कहा, यह लोगों को उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने, शांति और विकास के लिए खुद को समर्पित करने और हमारी सांस्कृतिक विरासत के अनमोल खजाने को खोलने के लिए प्रेरित करेगा।
खानकाह के जीर्णोद्धार की मांग पर उपराज्यपाल ने पर्यटन विभाग को एनआईटी के विशेषज्ञों के साथ निकट समन्वय में काम करने, विस्तृत डिजाइन, वास्तुशिल्प चित्रों का विश्लेषण करने और प्रतिष्ठित संरचना को उसके मूल गौरव पर बहाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय के आदेश के कारण उपयोगिताओं पर निर्माण कार्य रुका हुआ था जिसे हटा दिया गया है और काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि बडगाम में जिला अस्पताल का काम जल्द ही शुरू होगा और पूरा होने पर यह सुविधा बडगाम के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करेगी। उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कुछ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में शुरू किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने जम्मू कश्मीर की विकास यात्रा में परिवर्तनकारी बदलाव लाए हैं। उन्होंने कहा कि हम केंद्रशासित प्रदेश में एक शांतिपूर्ण और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा, यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के समर्थन और सहयोग के कारण संभव हुआ है।
तीर्थ स्थल के आसपास के कार्यों का लिया जायजा
उपराज्यपाल ने तीर्थ स्थल और आसपास के क्षेत्र में चल रहे कार्यों का भी जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार, संभागीय आयुक्त कश्मीर विजय बिधूड़ी, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह, उपायुक्त बडगाम अक्षय लाब्रू, वक्फ अधिकारी सहित पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।