पुंछ में एलओसी पर बैट हमले के बाद गश्त करने वाली संयुक्त नफरी अपनी गश्त करने के तरीके में बदलाव लाएगी। जिस तरह से बैट हमला हुआ है, उससे साफ है कि एलओसी पर गश्त करने के लिए ज्यादा सतर्क रहना होगा। जम्मू पहुंचे बीएसएफ के वेस्टर्न कमांड के एडीजी एनके चौबे ने बताया कि सेना और बीएसएफ मिलकर इस पर काम करेंगे।
पत्रकारों को उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की दो अग्रिम चौकियों और दो जगह पर घात लगाकर बैठे हमलावरों ने चारों ओर से गश्त नफरी पर हमला किया। 9 जवानों की इस नफरी में छह बीएसएफ और तीन आर्मी के जवान थे। फायरिंग में दो साथी शहीद हो गए। बाकी के जवानों ने इसका माकूल जवाब दिया। इसी बीच बैट ने जवानों के शवों को क्षत-विक्षत किया।
चौबे ने कहा कि इस तरह के हमले की योजना पहले से तैयार होती है। इसके लिए पूरी जानकारी जुटाई जाती है। सेना और बीएसएफ के उच्च अधिकारियों ने इस घटना के बाद जवाब देने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। अब एलओसी पर गश्त करने के लिए नफरी को अधिक सतर्क रहना होगा। कुछ भी हो, जवानों को एक साथ मिलकर हर एक गतिविधि पर एक साथ कार्रवाई करनी होगी। चौबे का यह भी कहना है कि बार्डर पर कई सालों से घुसपैठ का कोई प्रयास सफल नहीं हुआ है।