सीमा सुरक्षा बल की तरफ से रविवार को देश की सेवा करते हुए बीएसएफ के शहीद जवानों की याद में उधमपुर में पहली बार हाफ मैराथन-2017 का आयोजन किया गया। इसमें 300 से ज्यादा युवाओं और बीएसएफ एसटीसी में प्रशिक्षण हासिल कर रहे नव आरक्षकों ने हिस्सा लिया। नव आरक्षकों को पछाड़कर मंदोलत गांव के राजेश सिंह ने दस किलोमीटर की दौड़ को 36 मिनट और 36 सेकेंड में पूरा करके मैराथन को अपने नाम किया। इस अवसर पर विधायक पवन गुप्ता मुख्य मेहमान थे।
सुबह करीब सात बजे बीएसएफ के जवान, अधिकारी व दौड़ में हिस्सा लेने वाले युवा रठियान गांव में फोरलेन राजमार्ग पर एकजुट हुए। यहां से सुबह करीब आठ बजे विधायक पवन गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ किया। रठियान से रवाना होने के बाद युवा व नव आरक्षक बट्टलबालियां से होकर बीएसएफ के सहायक प्रशिक्षण केंद्र में पहुंचे। मंदोलक गांव के राजेश सिंह ने सभी को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि नव आरक्षक चौरे गुरदास गंगा ने दूसरा और औसुकैर गांव के रहने वाले जुगल शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया।
प्रशिक्षण केंद्र के कमांडेंट बक्षराज कौशल ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल भारत-पाकिस्तान व भारत-बंगलादेश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी को 1965 से संभाले हुए है। अब तक करीब 2000 बहादुर सीमा प्रहरियों ने देश विरोधी तत्वों व दुश्मन के खिलाफ लड़ते हुए अपने जान की कुर्बानी दी है। इन्हीं की याद में आज मैराथन का आयोजन किया गया है।
विधायक पवन गुप्ता ने दौड़ शुरू करने से पहले युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतिस्पर्धा में ज्यादा से ज्यादा युवा हिस्सा लें। आधुनिक युग में युवाओं को मोबाइल फोन व कंप्यूटर में ज्यादा समय व्यतीत करना शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर बना रहा है। इसलिए युवा खेल पर आधारित ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाएं।