ज्ञात हो कि घाटी में इससे पहले भी एसएमएस सुविधा शुरू की गई थी। गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के कुछ ही देर बाद इसे बंद कर दिया गया था। गत 10 दिसंबर को मशीन आधारित एसएमएस सर्विस को बहाल किया गया था। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वालों को पास बर्ड और कारोबारियों को बैंक स्टेटमेंट मिलने लगे थे। प्रशासन ने विद्यार्थियों, कांट्रेक्टर और टूर ऑपरेटरों को सहूलियत प्रदान करने के लिए लगभग 900 इंटरनेट प्वाइंट शुरू किए हैं।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि एसएमएस सेवा बहाल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है। यदि किसी ने गड़बड़ी करने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दुष्प्रचार करने वालों पर पैनी नजर रहेगी। ऐसे तत्वों को चिह्नित कर उन्हें कानून के तहत दंडित किया जाएगा।