अनाथालय के अनुभवों के बारे में अब्दुल्ला बताते हैं कि वहां रहने से उन्हें कई तरह के अनुभव मिले। उन्होंने कहा कि मैंने मेहनत के बल पर अपने लिए अवसर तलाशने की हर संभव कोशिश की। वहां मैंने की तरह के अनुशासन सीखे। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की सबसे ज्यादा खुशी है कि मैं उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाया। अनाथालय में मैं पिंजरे में कैद किसी तोते की तरह था, लेकिन कॉलेज में मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला।
अबदुल्ला को स्नातक के बाद से ही नौकरियों के कई अवसर मिले। परिवार में आर्थिक परेशानियां भी थीं, लेकिन इन सब के बावजूद उन्होंने पारास्नातक कर लोक सेवा की परीक्षा देने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि इस सफलता के लिए उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें और इंटरनेट के सदुपयोग पर जोर दिया।