मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सोमवार को राजबाग इलाके में स्थित गुलाम मोहम्मद गुरु के घर पहुंचीं और उनके परिवार वालों से मुलाकात की। ग़ुलाम मोहम्मद गुरु एक शिकारा वाला था, जिसकी झेलम नदी में पर्यटकों को बचाते समय मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि बीते वीरवार को फतेह कदल पुल के नजदीक झेलम नदी में गिरे पर्यटकों को बचाने के लिए गुरु जान की परवाह किए बिना पानी में कूद गए और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। 60 वर्षीय गुरु ने सभी पर्यटकों की जान तो बचा ली, लेकिन वह खुद मौत को मात को मात नहीं दे सके।
उनकी मौत के बाद पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनका यह बलिदान कश्मीरियों के सच्चे जज़्बे को दर्शाता है, जहां एक मेजबान अपने अतिथि के जीवन को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि ‘यह एक सच्चा कश्मीर है।’’
शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने मृतक के लिए दुआ मांगी और परिवार को मदद के तौर पर एक लाख रुपये देने का आदेश दिया। साथ ही परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर पर्यटन सचिव फारूक अहमद शाह भी थे।