अनंतनाग क्षेत्र में लगातार हो रही आतंकी घटनाओं से 22 जून को होने वाले उप चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराना बड़ी चुनौती बनी हुई है। राज्य पुलिस की ओर से लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। सीईओ शांतमनु का कहना है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। मतदाताओं को डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। वे बिना किसी डर भय के मतदान करने पहुंचें।
जून के महीने में अब तक अनंतनाग में आतंकियों ने दो बार सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। एक बार बीएसएफ की कानवाय पर हमला तो दूसरी बार पुलिस पार्टी पर। इसके साथ ही बीते रविवार को काजीगुंड इलाके में भले ही आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर हमला किया। लेकिन बताया जाता है कि वह इलाका भी अनंतनाग से सटा हुआ है।
ऐसे में माना जा रहा है कि आतंकियों ने दहशत फैलाने के लिए चौतरफा साजिश रची है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के पीडीपी से प्रत्याशी होने के कारण यह क्षेत्र और भी संवेदनशील हो गया है। अलगाववादियों की ओर से चुनाव बहिष्कार की भी घोषणा की गई है।
माना जा रहा है कि आतंकी मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में दहशत फैलाकर अपनी दमदार उपस्थिति दर्शाना चाहते हैं। बीते शनिवार को पत्थरबाजों ने क्षीर भवानी यात्रियों के काफिले पर भी पथराव कर दिया। साथ ही अमरनाथ यात्रा से पहले इस प्रकार की घटनाओं को भी यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए चुनौती माना जा रहा है।