अलगाववादियों, आतंकियों, पत्थरबाजों के गढ़ से भाजपा ने अलगाववाद तथा आतंकवाद से सख्ती से निपटने का संकल्प लिया। पहली बार श्रीनगर में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रवाद से किसी प्रकार का समझौता न करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में कहा गया कि भाजपा कश्मीरियों की विरोधी नहीं है, बल्कि वह उन्हें साथ लेकर चलना चाहती है। इसलिए सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है। जम्मू, कश्मीर तथा लद्दाख का समान रूप से विकास करने की दिशा में केंद्र तथा राज्य सरकार प्रयास कर रही है।
विकास के बल पर ही अब आम कश्मीरी भाजपा को स्वीकार करने लगे हैं। अब घाटी में भाजपा को अछूत नहीं माना जा रहा है, बल्कि लोग धीरे-धीरे जुड़ रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव राममाधव, भाजपा राज्य प्रभारी अविनाश राय खन्ना, केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।