विधानसभा में भाजपा विधायकों ने जम्मू संभाग के रहबर-ए-जरात उम्मीदवारों की नियुक्तियों में भेदभाव के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने विधायक अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
इस दौरान भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार पर जम्मू संभाग में डॉक्टरों की पदोन्नतियों में भी भेदभाव का आरोप जड़ा।
कृषि स्नातकों के साथ अन्याय
प्रश्नकाल के बाद भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा कि कश्मीर संभाग में रहबर ए जरात योजना के तहत नियमित हुए एक हजार के करीब कर्मचारियों को दो महीने का समय गुजर गया है। जम्मू संभाग में अभी तक एक भी कर्मचारी कृषि विभाग में नियमित नहीं हुआ है।
अश्विनी शर्मा और चौधरी सुख नंदन ने कहा कि यह जम्मू संभाग के कृषि स्नातकों के साथ अन्याय है। इसके अलावा इन विधायकों ने जम्मू संभाग के डॉक्टरों की पदोन्नतियां किए जाने में भी भेदभाव किए जाने को लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ताज मोहिउद्दीन को जिम्मेदार ठहराया।
हाईकोर्ट में विचाराधीन मामला
स्पीकर की हिदायत पर कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर ने अपना पक्ष सदन में रखा। मीर ने कहा कि राज्य हाईकोर्ट में जम्मू संभाग के रहबर ए जरात से संबंधित मामला विचाराधीन होने की वजह से संबंधित उम्मीदवारों की नियुक्तियां नहीं हो सकीं हैं।
मीर ने कहा कि राज्य कृषि विभाग गंभीरता से हाईकोर्ट में मामले की पैरवी कर रहा है, ताकि जल्द जम्मू के रहबर ए जरात कर्मचारियों को नियमित किया जा सके।
मीर ने सदन को आश्वस्त किया कि जम्मू के रहबर ए जरात कर्मचारियों की वरिष्ठता का लाभ उसी समय से दिया जाएगा जब से कश्मीर संभाग के रहबर ए जरात को नियमित किया गया है।