रियासत में चुनाव बहिष्कार से नफा-नुकसान की सियासत पर जारी जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर पलटवार किया है। प्रदेश भाजपा के प्रभारी सांसद अविनाश खन्ना ने कहा कि हम जोड़ने की सियासत करते हैं, तोड़ने की नहीं। मुख्यमंत्री को मालूम है कि चुनाव बहिष्कार का फायदा हमेशा नेकां ने ही उठाया।
कश्मीर संभाग के विभिन्न इलाकों से भाजपा में शामिल होने के लिए आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आए सांसद अविनाश राय खन्ना पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री की बौखलाहट सदन में साफ तौर पर झलकी। खन्ना ने कहा कि क्या नेकां, पीडीपी और कांग्रेस को ही जम्मू कश्मीर में शासन करने का हक है।
भाजपा तो मिशन 44 प्लस का लक्ष्य लेकर विधानसभा चुनाव में सिर्फ अवाम की सेवा करने के लिए लड़ने जा रही है। इसलिए भाजपा ने फैसला किया है कि वह सभी 87 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़ा करेगी। खन्ना ने कहा कि नेकां, कांग्रेस और पीडीपी ने भाजपा को कश्मीर में मुसलिमों के दुश्मन के रूप में हमेशा पेश किया, लेकिन कश्मीरी अवाम भाजपा को गले लगा रहा है।
इसलिए भाजपा गंभीरता के साथ कश्मीरी अवाम के बीच उसको न्याय दिलाने के लिए जा रही है। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि पिछले दो दिन के कश्मीर दौरे के दौरान पार्टी कैडर और नेताओं में उत्साह देखने को मिला है। भाजपा का एकमात्र मंत्र सभी के साथ न्याय और भेदभाव किसी के साथ नहीं होने देना है।
खन्ना ने स्पष्ट किया कि भाजपा की नजर कश्मीर में सिर्फ कश्मीरी पंडित विस्थापितों के वोट बैंक पर ही नहीं है, बल्कि हर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं और अवाम पर है। यह बात दीगर है कि मुख्यमंत्री कश्मीरी पंडित विस्थापितों के वोट बैंक और पिछले चुनावों के नतीजों के गुणाभाग की वजह से परेशान हैं।