सरकार गिरने का सबको इंतजार
शर्मा ने दावा किया कि उमर कुर्सी व राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए डिनर पार्टियों से लेकर आपात बैठकों का सहारा ले रहे हैं। सरकार का आंतरिक ढांचा व गठबंधन ढह चुका है। जनता व विधायक इंतजार में हैं कि यह सरकार कब आधिकारिक रूप से गिरती है। 3 जून की बैठक का असल लक्ष्य पार्टी में चल रही कलह दबाना है।
उमर सरकार को अस्थिर करना बंद करे भाजपा : सतीश शर्मा
उमर सरकार के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। ये लोकतंत्र के लिए पूरी तरह गलत है। भाजपा को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि उमर सरकार भी पीएम मोदी की तरह जनता द्वारा चुनी गई है। भाजपा को इस लोकतांत्रिक फैसले का सम्मान करना चाहिए।
विपक्ष के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री ने भाजपा नेताओं से कहा कि वे राज्य में नकारात्मक राजनीति के बजाय दिल्ली में जाकर बात रखें। भाजपा को केंद्र पर दबाव बनाना चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर को छीना हुआ पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिल सके जिसका वादा खुद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने किया था।
सरकार गिराते हैं तो ये हाॅर्स ट्रेडिंग होगी
मंत्री ने कहा, जैसा कि भाजपा नेता चाहते हैं कि सरकार जल्द गिर जाए। ये अच्छी बात नहीं है। वे सरकार गिराते हैं तो ये हाॅर्स ट्रेडिंग होगी। इसका पाप लगेगा व आप कभी सीएम नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि बांटने वाले चप्पे-चप्पे पर खड़े हैं, जोड़ने वाले बहुत कम हैं। विविधिता ही हमारी ताकत है।
जो जानते नहीं, वही बोलते हैं : उमर
सीएम उमर अब्दुल्ला ने नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता सुनील शर्मा के बैठक के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर अच्छा लगता है कि जिन लोगों को मैंने अपने विधायकों के साथ बुलाई गई बैठक के बारे में सबसे कम जानकारी है, वे ही सबसे ज्यादा बातें कर रहे हैं। एक बात याद रखना-जो जानते हैं, वे बोलते नहीं और जो बोलते हैं,वे विपक्ष में बैठते हैं।
अपनी हार स्वीकारे भाजपा
सतीश शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को अगले 60 माह के लिए पूरी तरह खारिज कर दिया है। वे काेमा में चल रहे हैं। भाजपा को अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए। हमारा काम जनता की सेवा करना है और हम सीएम उमर के नेतृत्व में पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। भाजपा केवल राजनीति करने और सुर्खियां बटोरने में लगी है। उन्हें अपनी नकारात्मक राजनीति छोड़कर चुनी हुई सरकार को जनहित में काम करने देना चाहिए।