विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में नेकां, पीडीपी और कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर है। इसके साथ ही भाजपा नंबर बढ़ाने की कोशिश में है जिसके पास अभी एक सीट ही है। पैंथर्स पार्टी के लिए भी अपनी दो सीटें बचाए रखने की चुनौती है।
इस चरण की 18 सीटों में नेकां के पास छह, पीडीपी के पास चार, कांग्रेस के पास तीन सीटें हैं। भाजपा और सीपीएम का एक-एक सीट तथा एक पर निर्दलीय का कब्जा है। दूसरे चरण के लिए जम्मू संभाग की उधमपुर, रियासी और पुंछ जिले की नौ सीटों और घाटी में आतंक प्रभावित कुपवाड़ा एवं कुलगाम जिले की नौ सीटों पर मंगलवार को मत पड़ेंगे।
उधमपुर जिले की उधमपुर एवं रामनगर में पैंथर्स व चिनैनी में कांग्रेस, रियासी जिले की गुलाबगढ़ सीट पर नेकां, रियासी में भाजपा एवं गुल अरनास में कांग्रेस और पुंछ जिले की सूरनकोट में कांग्रेस, मेंढर में पीडीपी तथा पुंछ सीट पर नेकां का कब्जा है।
इसके साथ ही घाटी में करनाह, कुपवाडा़, हंदवाडा़ एवं नूराबाद सीट पर नेकां, लोलाब, होमशालिबग एवं देवसर में पीडीपी, कुलगाम सीट पर सीपीएम तथा लंगेट सीट पर निर्दलीय का कब्जा है। मिशन 44 प्लस के लिए उतरी भाजपा ने लक्ष्य पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया है।
मोदी की उधमपुर एवं पुंछ में सभाएं करने के साथ ही घाटी में मुस्लिम वोट बैंक को प्रभावित करने के लिए पार्टी के मुस्लिम चेहरे मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन को लगाया गया। इसके साथ ही केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी मोर्चा संभाला।
पार्टी जम्मू संभाग में अधिक से अधिक सीटें पाने के लिए हरसंभव कोशिश में लगी रही। नेकां, पीडीपी, कांग्रेस तथा पीडीपी के समक्ष न केवल अपनी सीटें बचाने की चुनौती है, बल्कि कुछ और सीटें भी हासिल करने की जोड़तोड़ की जा रही है।