सेना ने जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ शहर में फ्लैग मार्च किया। स्थानीय लोगों ने राजौरी चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने शहर में जमकर बवाल काटा। पुलिस स्टेशन पर पत्थरबाजी की और एसएचओ को भी पीटा। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल परमार और उनके भाई की हत्या संदिग्ध आतंकवादियों ने यहां गुरुवार रात को कर दी थी। घटना गुरुवार रात लगभग नौ बजे की है। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोष है। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए कर्फ्यू और धारा 144 लगा दी गी है और सेना तैनात कर दी गई है। साथ ही जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ में हाईस्पीड इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इन इलाकों में इंटरनेट सिर्फ 2 जी स्पीड ऑर्डर पर चलेगा। किश्तवाड़ के जिला मजिस्ट्रेट अंग्रेज सिंह राणा ने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
राणा ने कहा, ‘सेना ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए किश्तवाड़ शहर में फ्लैग मार्च किया।’ उन्होंने बताया कि कर्फ्यू का सख्ती से पालन किया जा रहा है और शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। शहर में गुरुवार देर रात को कर्फ्यू लगाया गया था। राणा ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है।
किश्तवाड़ के एसएसपी राजिंदर गुप्ता ने बताया कि मामले में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए खोज अभियान चलाया गया है। संदिग्ध आतंकवादियों ने भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार (52) और उनके भाई अजीत परिहार (55) की हत्या कर दी जिसके बाद लोगों ने साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील शहर में आक्रामक प्रदर्शन किए और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
जिला मजिस्ट्रेट ने शहर और उसके आसपास के इलाकों में सेना से आंतरिक सुरक्षा की स्थिति को नियंत्रित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने आशंका जताई थी कि हिंसा भड़क सकती है और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है जिससे किश्तवाड़ शहर के नागरिकों के जान-माल को खतरा हो सकता है।
किश्तवाड़ जिले में पहले भी साम्प्रदायिक झड़पें हो चुकी हैं। आतंकवादियों ने क्षेत्र में खासतौर से ऊपरी इलाकों में हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश की थी। साल 2001 में आतंकवादियों ने 17 हिंदू खानाबदोशों की हत्या कर दी थी।
परिहार बंधुओं की हत्या की समाज के सभी वर्गों ने निंदा की है। अधिकारियों ने बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और उनके भाई की उस समय हत्या की गई जब वे ओल्ड डीसी ऑफिस के परिसर के बाहर स्थित अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे।