बैठक को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने संबोधित किया।
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कश्मीर घाटी में कमल खिलाने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा की रविवार को श्रीनगर में पहली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीडीपी के सामने घाटी में तीसरा मजबूत विकल्प बनने को लेकर मंथन हुआ। नौगाम में जुटे प्रदेश पदाधिकारियों की इस बैठक में संगठन विस्तार की रणनीति भी तय की गई। बैठक में काॅकरोच जनता पार्टी का मुद्दा भी छाया रहा।
कश्मीर में लोगों के एनसी और पीडीपी दोनों ही दलों से आजिज आ जाने के बावजूद उनके सामने अभी भाजपा एक मजबूत विकल्प नहीं बन सकी है। बैठक में सभी पदाधिकारी इस बात पर एकमत थे कि कश्मीरियों के स्थानीय मुद्दे उठाकर और उनके बीच पैठ बनाकर ही उनमें पार्टी के प्रति भरोसा जगाया जा सकता है। इसलिए तय किया गया कि बड़े जलसों की जगह डोर-टू-डोर संपर्क को तवज्जो दी जाएगी।
युवाओं को साधने के लिए हर बूथ जाने का फैसला
बैठक में जेन-जी पीढ़ी और कांग्रेस पार्टी का मुद्दा भी छाया रहा। पार्टी की विचारधारा को युवाओं तक पहुंचाने और उन्हें साधने के लिए हर बूथ पर यूथ का रोडमैप तैयार करने का भी फैसला लिया गया।
विधानसभा सत्र में उठाए जाएंगे यह मुद्दे
प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में 21 सितंबर से प्रस्तावित विधानसभा सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान पंचायत चुनाव, बिजली दरों में बढ़ोतरी, आउटसोर्सिंग से भर्ती और डेलीवेजर्स के मसले पर भाजपा हमलावर रहेगी। इससे पहले, इन मुद्दों और एनसी की अपने वादे पूरे करने में नाकामी को लेकर शृंखलाबद्ध तरीके से सड़कों पर उतरने का भी फैसला किया गया है।