आरएसएस का कहना है कि बिहार में भाजपा की हार से आरएसएस नेताओं की बयानबाजी का कोई लेनादेना नहीं है। सोमवार को प्रांत संघ चालक ब्रिगेडियर सुचेत सिंह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब कुछ इस तरीके से दिया।
सुचेत सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस साल भी संघ के अखिल भारतीय मंडल की चार दिवसीय बैठक 29 अक्तूबर से एक नवंबर तक झारखंड की राजधानी रांची में हुई।
इस बैठक में जम्मू कश्मीर प्रदेश से पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने हिस्सा लिया। बैठक में बताया गया कि इस साल कार्यकर्ताओं के प्रयास से संघ कार्य में बढ़ोतरी हुई है और वर्तमान में 31,804 स्थानों पर 50,432 शाखाएं, 13,620 साप्ताहिक मिलन तथा 7,940 मासिक मंडली चल रही हैं।
ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से 2012 में जहां प्रतिमाह एक हजार युवा संघ से जुड़ रहे थे, वहीं 2015 में संख्या बढ़कर 8000 प्रतिमाह हो गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बड़ी संख्या में युवा संघ से जुड़ने की इच्छा रखते हैं।
60 प्रतिशत शाखाएं गांवों में हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि संघ का कार्य केवल शहरों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ की बैठक में जनसंख्या असंतुलन को लेकर अहम प्रस्ताव पारित किया।
बैठक में चर्चा के पश्चात जनसंख्या बढ़ोतरी दर में असंतुलन की चुनौती पर प्रस्ताव पारित किया गया तथा सरकार से आग्रह किया कि देश में उपलब्ध संसाधनों, भविष्य की आवश्यकताओं एवं जन सांख्यिकीय असंतुलन की समस्या को ध्यान में रखते हुए देश की जनसंख्या नीति का पुनर्निर्धारण कर उसे सब पर समान रूप से लागू किया जाए।
सीमा पार से अवैध घुसपैठ पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाए। राष्ट्रीय नागरिक पंजिका का निर्माण कर इन घुसपैठियों को नागरिकता के अधिकारों से तथा भूमि खरीद के अधिकार से वंचित किया जाए।
असहिष्णुता के सवाल और कई लेखकों की ओर से सम्मान लौटाए जाने संबंधी सवाल पर सिंह ने कहा कि देश में कहीं भी असहिष्णुता का माहौल नहीं है। इस अवसर पर प्रांत कार्यवाह पुरुषोत्तम दधिचि भी मौजूद रहे।