सचिवालय खुलने के पहले दिन ही शहर में जाम ने दम निकाल दिया। यातायात के तमाम प्रबंध पटरी से उतरे हुए नजर आए। हालत ऐसी रही कि मुख्य चौक-चौराहों से लेकर गली कूचों में भी वाहन जाम में फंसे नजर आए।
मुख्यमंत्री को भी जाम की वजह से रूट बदलकर सचिवालय के बाहर उनके आवास तक पहुंचाया गया। दरअसल, सचिवालय खुलने के पहले दिन कांग्रेस की विरोध रैली भी जाम का एक कारण बनी।
सुबह लगा जाम देर शाम तक क्लीयर नहीं हो पाया। शहर के विवेकानंद चौक, बीसी रोड, कनाल रोड, ज्यूल, फ्लाईओवर, रेजीडेंसी रोड, पक्का डंगा, शालामार रोड, बिक्रम चौक, गांधी नगर, नानक नगर और यूनिवर्सिटी रोड आदि में दिनभर जाम लगा रहा। इसकी वजह से दिनभर वाहन रेंगते हुए नजर आए।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अपने आवास रेजीडेंसी रोड से सुबह सचिवालय तक पहुंचे, लेकिन जब उन्हें वापस आना था तो रेजीडेंसी रोड पर भारी जाम था। इसके चलते उन्हें सर्कुलर रोड से अपने निवास तक पहुंचना पड़ा।
शहर के अन्य स्थानों पर भी जाम रहा। यातायात पुलिस के इंतजाम धरे रह गए। शहर में लगे जाम के आगे यातायात पुलिस के प्रबंध भी धरे के धरे रह गए।
वाहनों के मकड़जाल में उलझे शहर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। यातायात पुलिस के अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती भी काम नहीं आई।
एसपी यातायात पुलिस मोहनलाल ने कहा कि एक बार जाम लगने पर उसका असर बना रहा। यातायात प्रबंध पूरे थे, लेकिन वाहनों की संख्या ज्यादा थी, जिससे कुछ परेशानी सामने आई।