पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के गढ़ कठुआ में भाजपा को नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव में चौंकाने वाली हार मिली है। 21 पार्षदों वाली कठुआ नगर परिषद में भाजपा के 13 पार्षद हैं, लेकिन पार्टी प्रत्याशी प्रेमनाथ डोगरा 8 वोट ही ले सके। पूर्व मंत्री लाल सिंह के भाई और डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी (डीएसएसपी) नेता राजिंद्र सिंह बब्बी 12 वोट लेकर चुनाव जीत गए।
दिलचस्प है उप चुनाव से जीत कर आए बब्बी नगर परिषद में डीएसएसपी के अकेले पार्षद हैं, जबकि पत्नी समेत उनकी पार्टी के समर्थक पार्षदों की संख्या तीन थी। मतदान में एक वोट अमान्य घोषित हुआ है। बब्बी इससे पूर्व दो बार नप अध्यक्ष रह चुके हैं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नरेश शर्मा का कथित ऑडियो वायरल होने से उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
- ऑडियो में नरेश शर्मा को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के लिए अपमानजनक शब्द कहते बताया गया था। ऑडियो विवाद से मचे सियासी बवाल के बीच नरेश शर्मा से अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। मौजूदा नगर परिषद का सवा साल का कार्यकाल बचा है, जिसके लिए अध्यक्ष पद के लिए फिर से चुनाव कराया गया।
- हाई प्रोफाइल चुनाव को देखते हुए कठुआ नगर परिषद को शनिवार सुबह दस बजे से पहले ही छावनी में तब्दील कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच पार्षदों और अधिकारियों को ही नगर परिषद कार्यालय के भीतर जाने जाने दिया गया। दोपहर 12 बजे के करीब सभी पार्षदों के नप कार्यालय पहुंचने पर बैलेट से मतदान करवाया गया।
लगभग आधे घंटे में प्रक्रिया पूरी हुई और वोटों की गिनती के साथ भाजपा की हार और पूर्व अध्यक्ष बब्बी की जीत का एलान कर दिया गया। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल ने बताया कि 21 के 21 वोट पड़े। इनमें 12 राजेंद्र सिंह बब्बी और 8 वोट प्रेम नाथ डोगरा के हक में पड़े हैं। एक वोट अमान्य घोषित हुआ है। 12 वोट लेकर राजेंद्र सिंह बब्बी विजयी घोषित किए गए हैं।
जिनको कराया गंगा स्नान, वही डुबो गए भाजपा की नैय्या
नगर परिषद कठुआ में राजेंद्र सिंह बब्बी की जीत से ज्यादा शहर में भाजपा की हार चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसी चर्चा है कि चार साल पहले अध्यक्ष पद को हासिल करने के लिए भाजपा ने जिन पार्षदों के साथ हाथ मिलाते हुए उन्हें गंगा स्नान कराकर पार्टी में शामिल किया था, उन्हीं ने भाजपा की नैय्या को डूबो दिया है। सवा साल के शेष बचे नगर परिषद अध्यक्ष पद के कार्यकाल के लिए पार्षदों के बिकने को लेकर भी चर्चा आम हो गई है।
- वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल महाजन ने कहा, हम लोग हारे हैं, अपनी हार को स्वीकार करते हैं। जो अपने थे, उनके वोट भी हासिल नहीं हुए हैं। पार्टी के संज्ञान में लाकर कार्रवाई की जाएगी। पार्टी की ओर व्हिप जारी किया गया था। हार के कारणों को लेकर मंथन जारी है।
जांच के बाद जो सामने आएगा उसे पार्टी वरिष्ठ पदाधिकारियों को बताया जाएगा। अमर उजाला ने दो दिन से लगातार सूत्रों के हवाले से मिल रही क्रॉस वोटिंग होने की संभावनाओं को लेकर पहले ही खुलासा कर दिया था। क्रॉस वोटिंग किस एवज में की गई है यह सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि सरकार के लिए भी जांच का विषय है।
खूब बंटे लड्डू, पटाखों के साथ मनाया गया जश्न
चौधरी राजेंद्र सिंह तीसरी बार नगर परिषद कठुआ के अध्यक्ष बन चुके हैं। उनके विजयी घोषित होने के साथ ही समर्थकों का हुजूम नगर परिषद कार्यालय के बाहर पहुंच गया। जमकर पटाखे चले और खूब लड्डू भी बांटे गए। जीत की खुशी में समर्थक ढोल की थाप पर जमकर नाचे और नारेबाजी की।
- नगर परिषद कार्यालय में जीत दर्ज करवाने के बाद बब्बी ने कहा कि माता रानी ने रणनीति बनाई और उन्होंने चुनाव लड़ा है। भाजपा के हॉर्स ट्रेडिंग किए जाने के आरोपों पर बब्बी ने कहा कि भाजपा ने रखें होंगे हॉर्स, करेंगे ट्रेडिंग, मेरे पास नहीं थे। नगर परिषद चलाने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैसा ही काम होगा जैसे 2005 और 2009 में हुआ था। उन्होंने माता रानी के बाद अपनी जीत का श्रेय अपने भाई चौधरी लाल सिंह को दिया है।
डोगरा स्वाभिमान संगठन को फिर मिली संजीवनी
पहले जिले भर में उपचुनावों के दौरान एक मात्र जीत डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी ने शहर के वार्ड दो से दर्ज की थी। अब वार्ड दो के पार्षद और डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के सदस्य राजेंद्र सिंह बब्बी ने नगर परिषद में धाक जमाकर पार्टी को शहर में फिर से संजीवनी दे दी है।
एकाएक पार्टी के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए हैं। जश्न मनाने के साथ ही मुबारक देने वालों का भी तांता लग गया है। डोगरा स्वाभिमान संगठन के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह नगर परिषद के अध्यक्ष बने चौधरी राजेंद्र सिंह बब्बू के बड़े भाई हैं।