पीडीपी कोर ग्रुप ने पांच घंटे की मैराथन बैठक के बाद सरकार बनाने से संबंधित कोई भी फैसला लेने के लिए पार्टी अध्यक्ष एवं सांसद महबूबा मुफ्ती को अधिकृत किया है।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिस तरह तारीफ की गई उससे साफ संकेत मिल रहे हैं हैं कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन जारी रहेगा।
पार्टी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद रविवार को हुई पीडीपी कोर ग्रुप की पहली बैठक के बाद पीडीपी ने साफ किया कि भाजपा के साथ गठबंधन के दौरान बने एजेंडा आफ एलायंस पर बहुत कुछ काम हो चुका है, लेकिन इसे आगे कैसे बढ़ाना है इस पर फैसला पार्टी अध्यक्ष लेंगी।
सरकार गठन के लिए कोई समय सीमा तय नहीं
सरकार गठन के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। महबूबा को इस संबंध में आखिरी फैसला लेने को कहा गया है। पीडीपी कोर ग्रुप की बैठक से गठबंधन जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
सात जनवरी को मुफ्ती के निधन के बाद राज्य में राज्यपाल शासन लागू हो गया था। मुफ्ती के चहारूम पर सोनिया के पहुंचने से गैर भाजपा गठबंधन बनाने की सियासी चर्चाओं से अनिश्चितता को बढ़ावा मिल रहा था।
इस बीच, पीडीपी ने भी एजेंडा आफ एलायंस पर गठबंधन सरकार के 10 महीने के कार्यकाल में कितना काम हुआ है, यह बात कहकर सबको चौंका दिया था।
सरकार गठन में किसी प्रकार की कोई नई शर्त नहीं
पूर्व मंत्री तथा वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाजपा के साथ गठबंधन और नई सरकार के विषय में अपनी राय रखी। बैठक के बाद पूर्व मंत्री नईम अख्तर ने पत्रकारों को बताया कि मुफ्ती के राजनीतिक विजन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
सरकार गठन में किसी प्रकार की कोई नई शर्त नहीं रखी जाएगी। एजेंडा आफ एलायंस के प्रति विश्वास ही सबसे बड़ी बात है। यह पूछे जाने पर कि क्या नई सरकार 26 जनवरी के पहले संभव है तो उन्होंने कहा कि इसके लिए महबूबा को आखिरी फैसला लेना है। कोई समय सीमा नहीं है।
उन्होंने कहा कि एजेंडा आफ एलायंस हमारे लिए अहम दस्तावेज है। इसे जमीनी स्तर तक ले जाने की जरूरत है।