विधानसभा में मंगलवार को बिलाल कावा के मुद्दे पर हंगामा हुआ। नेकां सदस्यों तथा निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब देने को कहा। बिलाल को वर्ष 2000 में दिल्ली के लाल किला हमले मामले में पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्नकाल के दौरान इंजीनियर रशीद ने यह मामला उठाया। वे इस पर सरकार से बयान जारी करने के लिए वेल तक पहुंच गए। उनका कहना था कि बिलाल निर्दोष है। उसकी रिहाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उसके परिवार के सदस्य श्रीनगर के लाल चौक पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
इंजीनियर रशीद का नेकां सदस्यों ने भी समर्थन किया। नेकां विधायक अली मोहम्मद सागर ने कहा कि पुलिस तथा सीआईडी दोनों ने बिलाल को क्लीन चिट दिया है। वह आतंकवाद में शामिल नहीं है। हमले को 20 वर्ष हो चुके हैं। उस समय कावा 17 साल का था।
उनका कहना था कि राज्य सरकार को तत्काल इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दिल्ली तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय से डरती है तभी तो अब तक उसने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। दिल्ली के डर से राज्य सरकार चुप बैठी है।
उन्होंने बिलाल कावा की जल्द से जल्द रिहाई के लिए प्रयास करने को कहा। उनका कहना था कि कई मामलों में 20 वर्ष बाद भी कोर्ट से लोग निर्दोष छूटे हैं। ऐसे में उनका परिवार बर्बाद हो जाएगा। हंगामे कोे देखते हुए संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि सदन को इस मामले में बाद में जवाब दिया जाएगा।