रामगढ़। बिजली की अनियमित कटौती ने धान की रोपाई के कार्य में जुटे किसानों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। लो वोल्टेज व अनियमित कटौती के कारण किसानों के पंपसेट नहीं चल पा रहे। ऐसे में किसान सिंचाई जल की किल्लत से जूझ रहे हैं। धान की रोपाई का कार्य भी आगे नहीं बढ़ पा रहा व साथ ही अगेती लगी धान की फसल भी सूखे की चपेट में आ गई है।
किसान सुखदेव चौधरी, प्रेमपाल चौधरी, मोहन सिंह भट्टी, भारत भूषण, कुलदीप वर्मा आदि ने बताया कि पर्याप्त बारिश अभी तक नहीं हुई है। क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं आ रहा। कम वोल्टेज व अनियमित कटौती के कारण पंपसेट भी नहीं चल पा रहे। ऐसी स्थिति में किसान धान की रोपाई का कार्य कैसे आगे बढ़ा पाएंगे व सूख रही फसल को कैसे बचा पाएंगे। पूरी तरह से बारिश पर निर्भर किसान अभी तक धान की रोपाई का कार्य शुरू भी नहीं कर पाए हैं, जिन किसानों ने धान की अगेती रोपाई की थी उनकी फसल पर सूखे का साया पड़ गया है। बारिश न होने से किसान चिंतित हैं। धान की रोपाई का कार्य आगे बढ़ाने व सूख रही फसल को बचाने के लिए किसान बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन विद्युत व सिंचाई विभाग का ध्यान सिंचाई जल की किल्लत से जूझ रहे किसानों की ओर दिलाते हुए बिजली व सिंचाई जल की आपूर्ति को सुचारु बनाने की मांग की है।
बारिश न होने से किसानों के साथ-साथ हर वर्ग परेशान
विजयपुर। बारिश न होने से किसानों के साथ-साथ हर वर्ग परेशान है। एक तो गर्मी, ऊपर से बारिश न होने के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने बताया कि इस समय धान और अन्य फसल लगाई जा रही है, लेकिन न तो बारिश हो रही है और न ही बिजली मिल रही है। इस कारण क्षेत्र में धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। क्योंकि इस समय पानी की बहुत जरूरत है, लेकिन इंद्र देवता भी हम पर नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने इंद्र देवता से प्रार्थना की है कि बारिश की जाए ताकि हम लोग अच्छी तरह फसल लगा सकें। संवाद