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बिजली व्यवस्था चरमराने पर कई गांव की तीन दिनो से सेवा ठप

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कुल पचेल पंचायत में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति नही होने पर प्रर्दशन करते ग्रामीण - फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा/ मीरां साहिब। बिजली व्यवस्था चरमराने पर कई गांव ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। मीरां साहिब व आरएस पुरा में सुचारु रूप से बिजली आपूर्ति हो रही है। सुचेतगढ़ विधानसभा के गांव व्यासपुर, स्लैड, वडियाल ब्राह्मणा, सत्तोवाली, खाना चक, चकरोई के ग्रिड स्टेशन बंद होने पर लगभग तीस पंचायत के गांव में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है।
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आरएस पुरा विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को कई गांव में लोगों ने राज्य सरकार व बिजली विभाग के खिलाफ विरोध- प्रदर्शन किया। बिजली विभाग के कर्मचारियों के अड़े रहने पर प्रशासन ने बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए सेना से मदद लेकर विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन भी अपने फैसले पर अड़ा हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में पहले की तरह हालत बनी हृुई है। दूसरी ओर सोमवार को बिजली व्यवस्था चरमराने को लेकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं लगातार हड़ताल पर चल रहे बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को भी जोरदार प्रदर्शन किया और कहा कि निगमीकरण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिजली विभाग एसोसिएशन की प्रशासन के साथ बातचीत विफल रही थी। इसके चलते हड़ताल समाप्त करने पर कोई फैसला नहीं हुआ।
आम आदमी पार्टी के जम्मू संभाग के संयोजक ओम प्रकाश खजूरिया का कहना है कि प्रशासन की और सेना बडे़ ग्रिड स्टेशनों पर लगाई गई है। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसा नहीं हो पाने पर ग्रामीणों को सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही। उपायुक्त जम्मू अंशुल गर्ग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सेवा बहाल करने पर काम चल रहा और रात तक सेवा बहाल कर दी जाएगी।
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बिजली ठप होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन किया
आरएस पुरा। बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को कुल पचेल पंचायत के लोगों ने तीन दिन से बिजली ठप होने के चलते प्रदर्शन किया गया। सरकार से मांग करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली सप्लाई सुचारु की जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व सरपंच सुभाष सिंह सैनी ने किया। इस मौके पर काफी संख्या में गांव वासी महिलाएं भी शामिल रहे। सरपंच ने कहा कि हड़ताल के कारण पंचायत में तीन दिन से आपूर्ति ठप है। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंच गणेश सिंह, राजकुमार विमल कुमार सहित काफी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
ग्रिड स्टेशनों पर रख रही पुलिस नजर
बिश्नाह। क्षेत्र में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बाद प्रताप सिंह पुरा ग्रिड स्टेशन को सेना और पुलिस ने अधिकार में ले लिया है। लिलियाना ग्रिड स्टेशन पर सेना और पुलिस तैनात हो गई है। अब तक क्षेत्र में कहीं से भी बिजली बंद की खबर नहीं है। पुलिस की तरफ से सभी ग्रिड स्टेशनों पर नजर रखी जा रही है।
बिजली की बहाली में नागरिकों की सहायता ले रही पुलिस
लाइनों में खराबी को ठीक करने के लिए विशेषज्ञों की सेवाओं का उपयोग किया जा रहा
सांबा। जिले में बिजली बहाल करने और लोगों की परेशानी को कम करने के लिए, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ग्रिड स्टेशनों, प्राप्त स्टेशनों, फीडर सब स्टेशनों का दौरा कर रही है। पुलिस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि सेना, एमईएस, पावर ग्रिड निगम और अन्य सहायक एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।
फाल्ट ठीक करने और बिजली बहाल करने, लाइनों में खराबी को ठीक करने के लिए विशेषज्ञों की सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है। इन सबके अलावा पुलिस ने इन प्रतिष्ठानों को तोड़फोड़ से बचाने के लिए सभी ग्रिड स्टेशनों, रिसीविंग स्टेशनों और सब स्टेशनों में जवानों को तैनात किया है। ट्रांसमिशन लाइनों को सुरक्षित करने के लिए ग्राम रक्षा समितियों को भी लगाया गया है। फील्ड गश्त भी की जा रही है। इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में लगे लोगों को प्रेरित करने और बहाली के प्रयासों को सुनिश्चित करने के लिए, एसएसपी डॉ अभिषेक महाजन के साथ अतिरिक्त एसपी, तहसीलदार, एसएचओ ने बेडियां ग्रिड स्टेशन का दौरा किया। इसमें कई फीडर बंद थे, जिसमें शामिल एजेंसियों के साथ बहाली के प्रयास की समीक्षा की गई। वहां तैनात जवानों को भी निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने पीएस सांबा का दौरा किया, नफ़री का रोल कॉल किया और उपस्थित नफ़री को हड़ताल से उत्पन्न इस संकट के दौरान स्थिर रहने को कहा। इसके अलावा, वरिष्ठ पुलिस और सिविल अधिकारियों की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे जमीनी स्तर पर बहाली के प्रयास का समन्वय कर रही है। पुलिस ने सांबा की आम जनता को अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति ट्रांसमिशन लाइन, ट्रांसफॉर्मर या बिजली आपूर्ति स्टेशनों को नुकसान पहुंचाता, बाधित करता है तो हेल्पलाइन नंबर 9541649001 पर पुलिस को सूचित करें। ताकि उपद्रवियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सके।
बिजली कर्मचारियों के समर्थन में उतरी बार एसोसिएशन
सांबा। निगमीकरण के खिलाफ बिजली विभग के कर्मचारियों के समर्थन में बार एसोसिएशन भी उतर आई है। बार एसोसिएशन के प्रधान केडी सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं की तो बार एसोसिएशन भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करेगी।
उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए। लोगों को बिजली सुचारु रूप से दी जाए। उधर रेईयां के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया व कुछ देर के लिए सांबा-राजपुरा मार्ग को अवरूद्ध भी किया।0 केली मंडी के सरपंच लब्लु संब्याल ने बताया कि तीन दिन से बिजली आपूर्ति बंद है। प्रशासन लोगों को सुविधा देने में असमर्थ है।
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर अपने कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। वह मांग कर रहे थे कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उनकी हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। ग्रिड स्टेशनों पर सेना को तैनात करने का पर रोष जताया।
लोगों ने निकाला कैंडल मार्च
सांबा। जिले के बालौढ गांव में लोगों ने बिजली आपूर्ति ठप रहने पर कैंडल मार्च निकाला। क्षेत्र में बिजली को शीघ्र बहाल किए जाने की मांग उठाई। लोगों ने मांग की कि सरकार को उन कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना चाहिए जो दैनिक वेतन भोगी हैं। जो वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।
सरपंच सुनील चौधरी ने कहा कि दैनिक वेतन भोगी की वास्तविक मांगें हैं। इसलिए सरकार को उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए। प्रशासन बिजली बहाल करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन आज तक लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोग पानी के साथ-साथ अन्य मूलभूत जरूरतों का भी सामना कर रहे हैं। इस अवसर पर राकेश सिंह, सुनील चौधरी, बलवंत सिंह, मोहिंद्र शर्मा भी मार्च में शामिल थे। संवाद
बसपा नेता ने किया बिजली कर्मचारियों की मांगों का समर्थन
आरएस पुरा। मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे बिजली कर्मचारियों के समर्थन में सोमवार को गांव स्लैड में बसपा नेता व पूर्व सरपंच तिलक राज ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जल्द से पूरा करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली कर्मचारियों मांगों को अनदेखा कर रही है। लोगों ने इस दौरान सरकार का पुतला भी जलाया। तीन दिन से लोग बिजली के बिना रह रहे हैं। इसकेे लिए हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नहीं बल्कि पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है। इस समय किसान को खेत की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन बिजली बंद रहने से किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध में भाग लेकर सरकार से आग्रह कर बिजली कर्मचारियों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने लगा असर
महिलाओं को खाना बनाने के लिए भी हो रही परेशानी
बाड़ी ब्राह्मणा। बिजली के निगमीकरण किए जाने को लेकर तीन दिन से चल रही हड़ताल का यहां असर नहीं दिखा, लेकिन सोमवार को सुबह 6 बजे से देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हो पाई। इसको लेकर कस्बे में कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कंडी क्षेत्र होने के कारण ज्यादातर दारोमदार फिल्टर पानी को लेकर है, लेकिन बिजली न होने के कारण लोगों को मजबूरन हैंडपंप का पानी पीना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यह लोगों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। बिजली न होने के कारण पानी की आपूर्ति भी सुचारु नहीं हो पा रही है। उसके अलावा लोगों में रोष है कि हमको सरकार ने किस शताब्दी में लाकर खड़ा कर दिया है
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बाड़ी ब्राह्मणा ग्रिड स्टेशन में रविवार देर शाम को एमआईएस विभाग इंजीनियर रेजिमेंट और सेना ने अपने कंट्रोल में ले लिया। सोमवार को इसका कोई भी असर देखने को नहीं मिला। क्योंकि जो भी तकनीकी खराबी फील्ड में आ रही थी उसको लेकर सेना के पास कोई विकल्प नहीं था। सेना को सिर्फ ग्रिड स्टेशन के अंदर बिजली की आपूर्ति सुचारु रखने के लिए कहा गया है। उसके अलावा वह किसी प्रकार की भी तकनीकी खराबी को ठीक नहीं कर सकते हैं। इस पर भी लोगों ने बताया है कि यह सिर्फ सरकार की तरफ से दिखावा है। क्योंकि जो काम बिजली विभाग के कर्मचारी ही कर सकते हैं, उनको ही करने देना चाहिए। फिलहाल सोमवार देर रात तक सेना में अपना डेरा ग्रिड स्टेशन के अंदर डाले रखा।
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हमारी तरफ से कोई काम नहीं किया जा रहा है। जो बिजली सुचारु चल रही है, उसको चलने दिया जा रहा है। अगर उसमें कोई तकनीकी खराबी आ रही है तो उसको किसी भी कीमत पर हमारे कर्मचारियों की तरफ से बहाल नहीं किया जाएगा। क्योंकि हम सरकार के आगे अपने विकल्प रख चुके हैं। अगर सरकार को उस में दिलचस्पी होगी तो वह उसको पूरा करेंगे।
-राजीव शर्मा, एईई, विद्युत विभाग।
जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बिजली ठप्प
सांबा। निगमीकरण के खिलाफ बिजली विभाग के कर्मचारियों के काम छोड़ो हड़ताल पर चले जाने से प्रशासन ने सेना को ग्रिड स्टेशनों पर तैनात करने के बावजूद भी अधिकतर क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहे। सांबा कस्बा, मंडियों, पहाड़ी क्षेत्र सुंब, गौरण, सीमावर्ती क्षत्र में बिजली आपूर्ति तीन दिन से ठप है। लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। यहां तक कि दुकानों पर मोमबत्ती की भी कमी बनी रहीं। लोगों को अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है। संवाद
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