जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनते ही पावर डेवलपमेंट विभाग को कारपोरेशन में तबदील किया जा सकता है। कारपोरेशन बनाने के लिए औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। इस संबंध में जल्द ही आदेश पारित किया जा सकता है। कारपोरेशन बनाने के लिए बोर्ड आफ डायरेक्टर्स (बीओडी) का गठन किया गया है। बीओडी ने अपने सुझावों पर रिपोर्ट सौंप दी है। विभाग के एक अधिकारी के अनुसार रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता, एक्सईएन, एईई समेत अन्य अधिकारियों के कामकाज को भी निर्धारित किया है। कंपनी में नए तरीके से काम होगा। पहले पीडीडी विभाग ही बिजली की मरम्मत, बिजली की खरीद, ग्रिड स्टेशनों की मरम्मत अपने स्तर पर कर रहा था। अब काम के लिए अलग-अलग कंपनियों का गठन किया जाएगा। कंपनियों के माध्यम से कारपोरेशन को चलाया जाना है।
---
तीन कंपनियों का होगा गठन
नए कारपोरेशन में तीन कंपनियों का गठन किया जा रहा है। इसमें पहली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी होगी। इसके माध्यम से बिजली की आपूर्ति और मरम्मत कार्य किया जाना है। दूसरी ट्रांसमिशन कंपनी के माध्यम से ग्रिड स्टेशनों पर काम किया जाना है। तीसरी कंपनी ट्रेडिंग के नाम से होगी। इसके माध्यम से अन्य राज्यों में बिजली की खरीद फरोख्त का काम होगा। जेएंडके से बिजली को बेचने का काम भी इसी कंपनी के माध्यम से किया जाएगा।
---
बदले जाएंगे पदनाम
कारपोरेशन में अधिकारियों के पदनाम भी बदले जाएंगे। मैनेजिंग डायरेक्टर, जनरल मैनेजर रैंक भी अधिकारियों को मिलेंगे। मुख्य अभियंता को निदेशक, अधीक्षण अभियंता को चीफ मैनेजर, एक्सईएन को जनरल मैनेजर, एसडीओ को सीनियर मैनेजर बनाया जाएगा।
---
ढाई के बजाय छह रुपये यूनिट मिलेगी बिजली
गठन से बिजली दरों में बढ़ोतरी होगी। पहले सरकार की ओर से प्रति यूनिट बिजली में रियायत दी जाती थी। लोगों को ढाई रुपये के करीब यूनिट मिल रहा था। अब छह रुपये तक हो जाएगी।
---
एडवांस में नहीं मिलेगी सैलरी
कारपोरेशन में त्यौहारी सीजन में कर्मचारियों को एडवांस में सैलरी नहीं मिलेगी। पहले त्यौहारों से पहले ही सैलरी की अदायगी हो जाती थी। कर्मचारी काफी हताश है।
---
31 हजार कर्मचारियों को होगा नुकसान
कारपोरेशन बनने से 31 हजार कर्मचारी प्रभावित होंगे। इसमें अधिकांश स्टाफ अनुबंध, अस्थाई और डेली नीड बेस पर रखा गया है। इनके नियमित होने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा।
---
आल जेएंडके पावर इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन जयपाल ने कहा कि कारपोरेशन बनाने के लिए बीओडी गठित की गई थी। कारपोरेशन बनने से कर्मचारियाें से लेकर उपभोक्ताओं को व्यापक नुकसान होगा।