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बिजली कटौती कम की जाए

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अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र के कई में गांवों में बिजली की कटौती से ग्रामीणों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की कि बिजली की आपूर्ति की कटौती कम की जाए।
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जानकारी के अनुसार अखनूर, खौड़, चौकी चौहरा के कंडी क्षेत्र के गांव टांडा, मैरा मेंदरिया, कठाड, दसकाल, सुंगल, डोरी डगेर सहित अन्य क्षेत्र में दो सप्ताह से बिजली की रोज कई घंटे कटौती से लोगों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। इस पर कई बार लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को अवगत भी कराया। गर्मी के बढ़ते तापमान पर बड़ी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में दो सप्ताह से बिजली की आपूर्ति कम होने पर बढ़ते तापमान पर लोगों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। संवाद
थम नहीं रहा बिजली कटौती का सिलसिला
रामगढ़। सीमावर्ती गांवों में बिजली की अघोषित कटौती से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली का ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। खस्ताहाल पुराने ढांचे से ही विभाग व जेपीडीसीएएल काम चला रहा है।
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इस वर्ष गर्मियों व बरसात में बिजली की अनियमित कटौती ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में अघोषित कटौती के कारण त्राहि-त्राहि मची है। बिजली की किल्लत से जूझ रहे लोग सुचारु बनाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। रिसीविंग स्टेशनों का घेराव कर रहे हैं। प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। किसान रामपाल, राजा राम, बिशन दास, प्रेमपाल, सरपंच कुलदीप वर्मा आदि का कहना है कि बिजली कटौती ने इस बार काफभ् परेशान किया है। वीरवर सुबह 10 बजे से बिजली बंद है, और शाम के 7 बजे तक बंद ही है। शासन, प्रशासन व बिजली विभाग के आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
जब लोग इस संबंध में विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क करते हैं तो 33 केवीए लाइन में फ़ाल्ट है का जवाब मिलता है, जिसे ठीक किया जा रहा है।
12 घंटे दर्जनों गांव के लोग रहे परेशान
रामगढ़। सीमावर्ती रामगढ़ क्षेत्र के गांव चक नाजर, खोड़ सलारिया, चक छटाका, हीरे चक, कोटली मटकालीया, शामा चक, सबांख में वीरवार सुबह छह बजे से ही बिजली की लाइनों में फाल्ट आ गया। ऐसे में दर्जनों गांव में बिजली गुल हो गई। इसमें गांव के बुजुर्गों, बच्चों, किसानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दुकानदार का काम ठप हो गया। न ही किसानों की धान की पनीरी को पानी लग पाया, अपने मवेशियों को पानी और चारा काटने के लिए भी परेशानी हुई। वहीं बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सुबह से ही फाल्ट ढूंढना शुरू कर दिया, लेकिन 12 घंटों तक फाल्ट नहीं मिल पाया। संवाद
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