नए साल से वैष्णो देवी के भक्तों के आरएफआईडी कार्ड पर स्टीकर लगेगा। इसका फैसला श्राइन बोर्ड ने लिया है। इससे पता चलेगा कि कार्ड पुराना है या नया। 31 दिसंबर को उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ की जांच बार कोड से होगी। कटड़ा सहित भवन मार्ग पर निगरानी ड्रोन से की जाएगी।
नव वर्ष के आगमन पर श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ होने के मद्देनजर श्राइन बोर्ड व्यवस्था बनाने की तैयारियों में जुट गया है। सीईओ श्राइन बोर्ड अंशुल गर्ग ने प्रैस वार्ता में बताया कि नववर्ष पर आरएफआईड़ी कार्ड पर एक स्टीकर लगाया जाएगा, जिससे पता चलेगा कि कार्ड नया है या पुराना।
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इस वर्ष शुक्रवार तक 94.35 लाख श्रद्धालु मां के चरणों में हाजिरी लगा चुके हैं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब तीन लाख ज्यादा है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या मे बढ़ोतरी से पहले मां वैष्णो देवी के दर्शन करने को जाने के लिए अलग से स्कॉई वॉक बनाया गया है।
इसमें भवन में थोड़े से हिस्से में आने व जाने का रास्ता अलग कर दिया गया है, ताकि भवन में भीड़ इकट्ठी न हो और भक्त आसानी से मां के चरणों मे हाजिरी लगा सकें। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को जुटने वाली भीड़ में यात्रा कार्ड की जांच बार कोड मशीन द्वारा की जाएगी।
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प्रवेश द्वार दर्शनी ड्योढ़ी के साथ ही नए ताराकोट मार्ग के प्रवेश द्वार, कटड़ा हेलिपैड सहित बाणगंगा क्षेत्र, अर्द्धकुंवारी मंदिर क्षेत्र, सांझी छत, हिमकोटि आदि स्थानों पर भी श्राइन बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी मशीन से जांच करेंगे। बिना आरएफआईडी यात्रा कार्ड के कोई भी मां वैष्णो देवी की यात्रा न कर पाएगा।
अंशुल गर्ग ने आगे कहा कि 31 दिसंबर को उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर कई तरह के पुख्ता प्रबंध श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा किए गए हैं। इनमें कटड़ा से लेकर भवन तक क्षेत्र को 6 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी डिप्टी सीईओ श्राइन बोर्ड अधिकारी के पास रहेगी।
वहीं, मां वैष्णो देवी भवन परिसर के 500 मीटर के क्षेत्र को 5 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक 100 मीटर के सेक्टर की जिम्मेदारी श्राइन बोर्ड अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ सुरक्षा बलों के अधिकारी व जवानों के पास रहेगी।
उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेशों पर प्रतिदिन 50000 से अधिक श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान नहीं कर पाएंगे। इसके बाद कटड़ा में श्रद्धालुओं को रोका जाएगा। मां वैष्णो देवी भवन के साथ ही सभी मार्ग सहित कटड़ा में सुरक्षा बलों के साथ ही पुलिस विभाग की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। दूसरी ओर ड्रोन द्वारा भी कटड़ा सहित भवन मार्ग पर निगरानी की जाएगी।
अगर किसी कारणवश वैष्णो देवी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है तो उसको लेकर भवन मार्ग के महत्वपूर्ण स्थान पर श्रद्धालुओं को रोका जा सकता है। इनमें बाणगंगा क्षेत्र, अर्द्धकुंवारी मंदिर क्षेत्र, सांझी छत, हिमकोटी तथा भवन पर मनोकामना भवन परिसर आदि है। भवन परिसर में 500 मीटर के दायरे में किसी भी श्रद्धालु को मार्ग पर रुकने की इजाजत नहीं होगी। मां वैष्णो देवी भवन पर वही श्रद्धालु रुक सकेंगे जिनके पास अग्रिम बुकिंग होगी।
2 जनवरी तक हेलिकॉप्टर, बैटरी व रोपवे केबल की ऑनलाइन बुकिंग फुल
दूसरी ओर लगातार अनाउंसमेंट की जाएगी कि जो श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके हैं, वह सीधे कटड़ा की ओर प्रस्थान करें, ताकि भवन क्षेत्र में कहीं भी भीड़भाड़ न हो और दो वर्ष पहले वाली स्थिति पैदा न हो सके। उन्होंने कहा कि आगामी 2 जनवरी तक हेलिकॉप्टर सेवा के साथ ही बैटरी कार सेवा, रोपवे केबल कार सेवा के साथ भवन पर रहने को लेकर सभी तरह के कमरे तथा डॉरमेट्री बेड आदि की ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह से फूल है। लिहाजा तत्काल सेवा प्राप्त करने के लिए दिव्यांग, मरीज या फिर बुजुर्ग श्रद्धालु श्राइन बोर्ड के बस स्टैंड के पास निहारिका कांप्लेक्स कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए श्राइन बोर्ड द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं।
एक जनवरी से भैरो घाटी के लिए रोजाना ऑनलाइन टिकट कोटा 1200 से बढ़कर 2000 किया जाएगा
उनका कहना है कि मौजूदा समय में भैरो घाटी के लिए प्रतिदिन 1200 टिकट ऑनलाइन हो रही हैं। श्राइन बोर्ड आगामी नववर्ष पर 1 जनवरी 2024 से यह कोटा बढ़ाकर 2000 प्रतिदिन करने जा रहा है। वहीं, आगामी पवित्र चैत्र नवरात्र पर श्राइन बोर्ड रोपवे केबल कार का प्रतिदिन का कोटा 5000 किया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग करवा कर रोपवे केबल कार सेवा का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि कोविड के एक बार फिर से मामले सामने आने के बाद अभी तक सरकार द्वारा कोई एसओपी जारी नही की गई है, लेकिन श्रद्धालु सामाजिक दूर बनाए रखें। यह सभी के लिए अच्छा होगा।