प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उपचुनाव के लिए हम तैयार हैं, उम्मीद करते हैं कि अमरनाथ यात्रा के बाद होगा।
महिला नेतृत्व तैयार करने पर फोकसजम्मू-कश्मीर में महिला नेतृत्व की कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर सत शर्मा ने कहा कि जिस तरह से शगुन परिहार ने नेतृत्व संभाला है, उसी तरह पार्टी प्रदेश में मातृ शक्ति की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। पार्टी में सभी कार्यकर्ताओं में एक तिहाई मातृ शक्ति हैं। काउंसिल्स के चुनाव हों या कॉपोरेशन या फिर कमेटी के चुनाव हों, हर जगह महिलाओं की एक तिहाई हिस्सेदारी तय है।
प्रदेश को बहुत कुछ मिला
उपलब्धियों की संख्या अनगिनतपीएम मोदी के 11 वर्षों के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर को क्या कुछ मिला। इस सवाल के जवाब पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की सर्वप्रथम सरकार इन्हीं 11 वर्षों में बनी। मुफ्ती मोहम्मद सईद उस वक्त मुख्यमंत्री थे। भाजपा ने पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई।
अनुच्छेद 370 और 35ए का हटना सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह एक ऐसा अभिशाप था, जिसका कुछ ही परिवारों को फायदा मिल रहा था। मातृशक्ति को संपत्ति में अधिकार मिला, गोरखा समाज, वाल्मीकि समाज के अलावा पाकिस्तान विस्थापित शरणार्थियों को उनका हक मिला।
मैं इसे बड़ी उपलब्धि मानता हूं। भारतीय जनसंघ के स्थापना काल में ही इसकी लड़ाई शुरू हुई थी। भाजपा भी लगातार इस दिशा में काम कर रही थी। प्रदेश के विकास में जेड मोड टनल, चिनाब आर्च ब्रिज और ट्रेन का कश्मीर तक जाना, यह मील का पत्थर है। उपलब्धियों की संख्या अनगिनत है।