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Jammu News: भगवती नगर में शिफ्ट होंगी नई बस्ती की 39 दुकानें, दुकानदारों में उजड़ने का डर

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विक्रम चौक से सतवारी रोड के किनारे नई बस्ती की दुकानें। अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू। सतवारी-बिक्रम चौक फ्लाईओवर परियोजना की जद में आने वाले नई बस्ती के 39 दुकानदारों की प्रशासनिक मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जम्मू-कश्मीर कैबिनेट की बैठक में पुनर्वास को लेकर जो फैसले लिए गए हैं, उसने दुकानदारों के बीच असमंजस और उजड़ने का डर पैदा कर दिया है।
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नई बस्ती के बाजारों में सुगबुगाहट तेज है। व्यापारियों का कहना है कि 125 करोड़ के प्रोजेक्ट की बातें सुनने में अच्छी हैं लेकिन जब तक जमीनी स्तर पर पुनर्वास की स्थिति साफ नहीं होती, तब तक उजड़ने का डर सिर पर तलवार की तरह लटकता रहेगा। एक तरफ भगवती नगर में बड़ी मार्केट का खाका खींचा जा चुका है तो वहीं व्यापारियों में आशंका है कि उन्हें जहां बसाया जाएगा, क्या वहां कारोबार सुचारु रूप से कर सकेंगे। ग्राहक मुख्य मार्ग से इतनी दूर आएंगे भी या नहीं। निगम कमिश्नर डॉ. देवांश यादव के अनुसार भगवती नगर में म्युनिसिपल मार्केट बनाने संबंधी कैबिनेट की मुहर लग गई है।
मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हैं। भाजपा विधायकों और पूर्व पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात करके समस्या बता चुका है। इसके अलावा विपक्षी दलों ने भी दुकानदारों की मांग का समर्थन करते हुए पहले बिना पुनर्वास योजना के तोड़फोड़ न करने की मांग की है।
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ठंडे बस्ते में पुरानी योजना
पहले हुई प्रशासनिक बैठकों में दुकानदारों को चंद्रभागा हॉल के पास ही मार्केट बनाकर शिफ्ट करने की योजना थी। दुकानदार इस जगह के लिए मानसिक रूप से तैयार थे क्योंकि यह उनके वर्तमान व्यावसायिक क्षेत्र के काफी करीब थी। अब योजना में अचानक हुए बदलाव और नए स्थानों के चयन ने दुकानदारों की रातों की नींद उड़ा दी है।
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प्रशासन को व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लेना चाहिए, न कि नुपयुक्त या दूरदराज के इलाके में धकेलना चाहिए।
- विक्रांत शर्मा, दुकानदार
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कागजी मंजूरियों और बार-बार बदलते घटनाक्रम के बीच भविष्य अधर में लटका हुआ है। जब तक स्थिति साफ नहीं होती, उजड़ने का डर बना रहेगा।
- संदीप गुप्ता, दुकानदार
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जब तक नए स्थान पर दुकानें बनकर तैयार नहीं हो जातीं और उन्हें चाबियां सौंपी नहीं जातीं, तब तक नई बस्ती की दुकानों को खाली नहीं करेंगे।
- हीरालाल, दुकानदार
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इस बात से चिंतित है कि दशकों पुराना स्थापित कारोबार मुख्य मार्ग से हटाकर भगवती नगर जैसे अलग क्षेत्र में भेजा जा रहा है। आजीविका पूरी तरह से प्रभावित होगी।
- सतीश कुमार गुप्ता, दुकानदार
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विक्रम चौक से सतवारी रोड के किनारे नई बस्ती की दुकानें। अमर उजाला- फोटो : अमर उजाला

विक्रम चौक से सतवारी रोड के किनारे नई बस्ती की दुकानें। अमर उजाला- फोटो : अमर उजाला

विक्रम चौक से सतवारी रोड के किनारे नई बस्ती की दुकानें। अमर उजाला- फोटो : अमर उजाला

विक्रम चौक से सतवारी रोड के किनारे नई बस्ती की दुकानें। अमर उजाला- फोटो : अमर उजाला

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