देशभर में लिंगानुपात के मामले में लद्दाख सबसे अव्वल है। यहां प्रति एक हजार पुरुषों की तुलना में 1125 महिलाएं हैं। जम्मू-कश्मीर की स्थिति में भी सुधार हुआ है। अब यहां एक हजार पुरुषों के मुकाबले 923 से बढ़कर 976 महिलाएं हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, छात्राओं की शिक्षा व कन्या भ्रूण हत्या के मामले में सरकारी प्रयासों का पिछले पांच साल में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में जबर्दस्त प्रभाव दिखा है। यह खुलासा सोमवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ है।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार लिंगानुपात के मामले में दूसरे स्थान पर लक्षद्वीप-1051 व तीसरे स्थान पर त्रिपुरा-1028 है। पांच साल पहले 2015-16 में लक्षद्वीप में यह आंकड़ा 905 व त्रिपुरा में 969 था। दादर, नगर हवेली में सबसे कम 817 महिलाएं प्रति एक हजार पुरुषों पर हैं। इसके बाद चंडीगढ़ व गोवा में 838 है। यहां पहले क्रमश: 983, 981 व 966 महिलाएं प्रति एक हजार पुरुष थीं।
जम्मू-कश्मीर देश के सर्वश्रेष्ठ 12 राज्यों में शामिल
पर्यटन, होटल कारोबार और अन्य सेवा क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर देश के सर्वश्रेष्ठ 12 राज्यों में शामिल है। सकल घरेलू उत्पाद में प्रदेश का हिस्सा 50 फीसदी से अधिक है। कोरोना के बावजूद प्रदेश में सेवा क्षेत्र में दो फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जम्मू-कश्मीर की वर्ष 2018-19 में 53.39, 2019-20 में 54.66 तथा 2020-21 में 57.15 फीसदी हिस्सेदारी रही है।
53.8 फीसदी घरों में उन्नत सैनिटेशन सुविधाएं
इसमें क्रमश: 10.58, 3.04 व 2.08 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चंडीगढ़ 74 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रथम और सिक्किम 24.25 फीसदी के साथ सबसे नीचे रहा। आर्थिक सर्वे में यह बात भी सामने आई कि स्वच्छता के मामले में भी प्रदेश ने तरक्की की है। यहां 53.8 फीसदी घरों में उन्नत सैनिटेशन सुविधाओं का इस्तेमाल कर रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी तरक्की, नवजात व शिशु मृत्यु दर में कमी
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी जम्मू-कश्मीर ने खासी तरक्की की है और प्रदेश में नवजात व शिशु मृत्यु दर में भारी कमी आई है। प्रदेश में शिशु मृत्यु दर 2015-16 में 32.4 थी जो 2020-21 में घटकर 16.3 फीसदी हो गई। यानी पिछले पांच साल में शिशु मृत्यु दर में आधे की गिरावट हुई है। लद्दाख में शिशु मृत्यु दर 20 फीसदी है।
देश में सबसे बेहतर लद्दाख का लिंगानुपात
देश में सबसे बेहतर लद्दाख का लिंगानुपात है। यहां प्रति एक हजार पुरुषों पर 1125 महिलाएं हैं। दूसरे स्थान पर लक्षद्वीप-1051 व तीसरे स्थान पर त्रिपुरा-1028 है। पांच साल पहले 2015-16 में लक्षद्वीप में यह आंकड़ा 905 व त्रिपुरा में 969 था। दादर, नगर हवेली में सबसे कम 817 महिलाएं प्रति एक हजार पुरुषों पर हैं। इसके बाद चंडीगढ़ व गोवा में 838 है। यहां पहले क्रमश: 983, 981 व 966 महिलाएं प्रति एक हजार पुरुष थीं।