जम्मू यूनिवर्सिटी की ओर से इस वर्ष से बीएड और एमएड कोर्स की एक वर्ष की समय अवधि को बढ़ाकर दो वर्ष का किया गया है। नेशनल करीकुलम फ्रेमवर्क फार टीचर एजूकेशन 2009 (एनसीएफटीई) की गाइड लाइन के तहत दोनों कोर्सों के पाठ्यक्रम और सब्जेक्ट में काफी बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही सभी विषयों और पाठ्यक्रम में नए विषय वस्तु और टॉपिक को शामिल कर कोर्स को अच्छा बनाने का प्रयास किया है।
दोनों कोर्सों की परीक्षाओं को चार सेमेस्टर के तहत करवाया जाएगा। जम्मू यूनिवर्सिटी के डीन फैकल्टी एजूकेशन एवं एजूकेशन विभाग के एचओडी प्रो. मुबारक सिंह ने बताया कि बाकी राज्यों की तरह इस वर्ष से जम्मू यूनिवर्सिटी के बीएड और एमएड के रेगुलर कोर्स को दो वर्ष का किया जा रहा है। दो वर्ष के कोर्स के आधार पर बीएड और एमएड का पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है।
सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा और शिक्षा प्रणाली को गुणवत्ता और मजेदार बनाने के लिए बीएड और एमएड के दो वर्ष का कोर्स काफी हद तक लाभ पहुंचाने में मदद करेगा। प्रो. मुबारक सिंह ने दोनों कोर्स के पाठ्यक्रम में थ्योरी के साथ ज्यादा प्रैक्टीकल और इंटरनशिप की प्रक्रिया को ज्यादा तवज्जो दी गई है। प्रैक्टीकल और इंटरनशिप की प्रक्रिया के जरिये विद्यार्थियों को शिक्षक बनने के लिए कई सारे महत्वपूर्ण तकनीक और तथ्यों के बारे में अवगत करवाने में मदद करेगा।
उन्होंने बताया कि बीएड और एमएड के इंटरनशिप की अवधि को बीस हफ्ते का बनाया गया है, जिसमें पहले और दूसरे सेमेस्टर के दौरान दो हफ्ते में प्रैक्टीकल और इंटरनशिप, जबकि तीसरे और चौथे सेमेस्टर के दौरान आठ हफ्ते का प्रैक्टीकल और इंटरनशिप करवाई जाएगी। प्रो. मुबारक सिंह ने कहा कि शिक्षक बनने के इच्छुक विद्यार्थियों को इस तरह के पाठ्यक्रम से बिल्कुल भी आपत्ति नहीं होगी, क्योंकि इसे पूरी तरह से प्रोफेशनल और प्रैक्टीकल के आधार पर तैयारी करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि शहर और आसपास के सभी बीएड कालेज प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए पाठ्यक्रम के संबंध में कालेज फैकल्टी को वर्कशाप आदि करवाएं। इसके लिए जम्मू यूनिवर्सिटी और बाहरी यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट की सुविधा भी उपलब्ध करवाने के लिए जेयू तैयार रहेगा।