जिले के कई इलाकों में भालू पशुपालकों के मवेशियों के साथ ही उनकी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बानाल के बनकोट, चमलवास, खड़ी, डोलीगाम, चनजलो, नोगाम, लामबर आदि क्षेत्रों में रात को भालू घूमते देखे गए हैं। इसके चलते ग्रामीणों में खौफ है।
ग्रामीणों के मुताबिक पिछले कुछ माह में रामबन के बानाल और गोल के विभिन्न क्षेत्रों में भालू के अलग-अलग हमलों में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि भेड़-बकरियों सहित कई जानवर भी मारे गए हैं। बनकोट और चमलवास के क्षेत्र में दो महिलाएं भालू के हमले में बाल-बाल बचे।
इन भालुओं ने सुनसान छोड़े गए कई रेलवे टनलों को अपना निवास स्थान बना लिया है। यही से वे शिकार के लिए निकलते हैं। जब उनको ग्रामीण किसी तरह खदेड़ते हैं तो वे इन टनलों में घुस जाते हैं, जिसमें घुसने की कोई हिम्मत नहीं करता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक अब हालत यह है कि भालू दिन के उजाले में में भी हमले करने लगे हैं। यहां तक कि वे लोगों के बागों में घुस जाते हैं और सेब, नाशपाती आदि फलदार पेड़ों को नष्ट कर देते हैं।
स्थानीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ वानी ने बताया कि उन्होंने बानाल के चरिल क्षेत्र में अपना एक बगीचा बड़ी मेहनत के बाद तैयार किया। बगीचे में फलों की कई प्रजातियां हैं, लेकिन इसमें पिछले साल की तरह इस साल भी कई भालू बगीचे में घुसे और फलों को बर्बाद कर दिया।
वानी ने कहा कि वन्यजीव विभाग से गुहार लगाने के बाद भी अब तक कोई मदद नहीं मिली है। भालुओं ने अब तक कम से कम दो लाख रुपये के फल बर्बाद कर दिए हैं।