-नई इकाइयों के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ी, नहीं मिल रहा जीएमसी प्रतिपूर्ति का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर में कार्यरत मौजूदा खाद्य तेल विनिर्माण इकाइयों को 2018 के एसआरओ 63 (आइटम नंबर 4 खाद्य तेल) की नकारात्मक सूची में शामिल करने से इकाइयों को जीएसटी प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस एसआरओ का 31 मार्च 2031 तक विस्तार किया गया है, जबकि नई जम्मू कश्मीर औद्योगिक नीति में अगर कोई खाद्य तेल विनिर्माण इकाई स्थापित करता है तो उसे नकारात्मक सूची में शामिल करने का प्रावधान नहीं है। इससे मौजूदा और नई इकाइयों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से पुरानी इकाइयों को वित्तीय लाभ नहीं मिल रहा।
बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्री एसोसिएशन (बीबीआईए) के अध्यक्ष ललित महाजन ने कहा कि उद्योग विभाग ने खाद्य तेल उत्पादन इकाइयों को उत्पादन आइटम में डाला है तो फिर मौजूदा इकाइयों को नकारात्मक सूची में क्यों डाला गया है। नई औद्योगिक नीति के तहत नई औद्योगिक इकाइयों को सभी तरह के वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं जबकि मौजूदा इकाइयों के लिए ऐसे प्रावधान नहीं किए गए हैं। कई वस्तुओं को नकारात्मक सूची में शामिल किया गया है।
उन्होंने उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करते हुए मौजूदा खाद्य तेल उत्पादन इकाइयों को नकारात्मक सूची से बाहर करने की मांग की है, क्योंकि ये उत्पादन आम लोगों से जुड़ा हुआ है। ऐसा न करने पर कई मौजूदा इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। देश अपनी खाद्य तेल आवश्यकता का लगभग 70 प्रतिशत आयात कर रहा है। जम्मू-कश्मीर में तिलहनों को कुचलकर खाद्य तेल के निर्माण में लगी एमएसएमई इकाइयां कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण समाप्ति की कगार पर थीं। खाद्य तेल निर्माण करने वाली इकाइयों को नकारात्मक सूची से हटाना समय की मांग है।