बायसरन घाटी को आतंकी हमले के बाद अब तक पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है, लेकिन कई टूर ऑपरेटर इसे खुला बताकर पैकेज बेच रहे हैं।प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा कारणों से घाटी अभी बंद है और पर्यटकों को किसी भी भ्रामक दावे या झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई है।
आतंकी हमले के बाद सरकार ने पहलगाम की बायसरन घाटी को पर्यटकों के लिए खोलने का अभी फैसला नहीं किया है। इसके बावजूद टूर ऑपरेटर पर्यटकों को बायसरन घूमने का पैकेज दे रहे हैं। बायसरन में ही बीते साल 22 अप्रैल को आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। इस घटना ने देशभर को हिला दिया था। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर घाटी को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। इस बीच पर्यटन सीजन शुरू होते ही टूर ऑपरेटर पर्यटकों को लुभाने के लिए बायसरन घाटी घुमाने का दावा कर रहे हैं। इस दावे की हमने पड़ताल शुरू की तो सुरक्षा के साथ ही विश्वास के नाम पर भी खिलवाड़ सामने आया। पड़ताल के पहले चरण में हमने बायसरन घूमने के लिए कश्मीर घाटी के पांच टूर ऑपरेटरों से संपर्क किया। उनसे चार लोगों का चार दिन का टूर पैकेज बनाने के लिए कहा।
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दूसरे चरण में टूर ऑपरेटर्स ने अरू और बेताब के साथ ही बायसरन घाटी को भी पर्यटकों के लिए खुला बताते हुए 39 हजार का पैकेज साझा किया। भ्रमण के दौरान सभी सुविधाएं भी मुहैया कराने का भरोसा दिया। श्रीनगर और पहलगाम के स्थानीय साइट का हवाला देते हुए लिखित पैकेज में बताया कि पहलगाम भ्रमण के दौरान चंदनवाड़ी भी घुमाया जाएगा। घोड़ों पर अपने खर्च पर बायसरन भी घूमेंगे। अब हमने सहायक पर्यटन निदेशक पहलगाम बिलाल मीर से संपर्क किया। बायसरन के बारे में जानकारी चाही। उन्होंने बताया कि अभी पर्यटकों के लिए घाटी पूरी तरह से बंद है। सुरक्षा इंतजाम के बाद बायसरन को खोलने पर विचार चल रहा है। पर्यटकों को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए।
हमले के बाद 50 पर्यटन स्थल किए गए थे बंद
पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा की समीक्षा कर उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के 50 पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया था। सुरक्षा जांच के बाद बीते साल 14 जून को 16 स्थलों को खोला गया, जबकि सितंबर में 12 और पर्यटन स्थलों को खोलने की मंजूरी मिली। इसके बाद 16 फरवरी को 14 अन्य पर्यटन स्थल खोले गए।
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जो स्थल खोले गए वहां अभी पर्यटकों का इंतजार
जम्मू संभाग स्थित रामबन का महू मंगत, किश्तवाड़ का मुगल मैदान जैसे इलाकों को सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद पर्यटकों के लिए खोला गया, लेकिन यहां जाने में पर्यटक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। रियासी जिले स्थित देवी पिंडी में अलबत्ता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ दिख रही है।