लॉकडाउन की वजह से खेत में खड़ी गन्ने की फसल सूख न जाए, इसके लिए एक किसान ग्रामीणों और राहगीरों को फ्री में गन्ने का रस पिला रहा है। इससे इस तपती दोपहरी में राहगीरों के भी गले तर हो रहे हैं। साथ ही ग्रामीण भी गन्ने के रस का लुत्फ ले रहे हैं। गांव समेत आसपास के क्षेत्र में उसके इस कार्य की काफी प्रशंसा हो रही है।
पिछले पचास दिनों से भी ज्यादा समय से जारी लॉकडाउन में हर कोई अपनी भूमिका निभाने में लगा है। कोई जरूरतमंद राशन बांट रहा है तो कोई राहत कोष में दान दे रहा है। वहीं जम्मू संभाग में रियासी जिले के ब्लॉक पौनी के गांव मलैड़ निवासी किसान मदन लाल भी किसी कोरोना योद्धा से कम नहीं हैं।
मदन लाल ने खेत में गन्ना लगाया था। लेकिन जब फसल तैयार हुई तो कोरोना महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन हो गया। इससे गन्ने की फसल खेत में ही खड़ी रही। मदन लाल को लगने लगा कि कहीं फसल सूखकर बर्बाद न हो जाए, इसलिए इसका लाभ राहगीरों और ग्रामीणों को ही देना चाहिए।
इसके बाद उसने अपने खेत में रस निकालने वाली मशीन लगाई। अब वह गन्ने का रस निकालकर खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों और राहगीरों को पिलाते हैं। पंच राकेश मगोत्रा ने बताया कि मदन लाल कोरोना योद्धाओं की तरह काम कर रहे हैं।