साहित्य अकादमी के 2019 के अनुवाद पुरस्कार के लिए केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के दो अनुवादकों का चयन किया गया है। डोगरी भाषा में सतीसरै दी कहानी उपन्यास के लिए रत्न लाल बसोत्रा और कश्मीरी भाषा में गोरा के लिए रतन लाल जौहर को अवार्ड दिया जाएगा। पुरस्कार के रूप में दोनों अनुवादकों को 50-50 हजार रुपये और उत्कीर्ण ताम्रफलक के साथ विशेष समारोह में इसी वर्ष सम्मानित किया जाएगा।
साहित्य अकादमी की कार्यकारी मंडल की बैठक में 23 पुस्तकों को अनुवाद पुरस्कार के लिए अनुमोदित किया गया था। पुस्तकों का चयन नियमानुसार गठित संबंधित भाषाओं की त्रिसदस्यीय निर्णायक समितियों ने किया है। डोगरी में अनुवाद के लिए चुने गए रत्न लाल बसोत्रा वर्तमान में जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी में डोगरी विभाग के संपादक हैं।
बसोत्रा ने चंद्रकांता के हिंदी उपन्यास कथा सतीसर का डोगरी में सतीसरै दी कहानी शीर्षक से अनुवाद किया है। बसोत्रा के संपादन में अकादमी डोगरी विभाग में शिराजा का अंक निकालती है। वहीं कश्मीरी भाषा में अनुवाद के लिए रतन लाल जौहर को गोरा के लिए पुरस्कार मिला है। गोरा नोबेल पुरस्कार विजते प्रख्यात साहित्यकार रवींद्रनाथ ठाकुर की कृति है, जिसे उन्होंने मूलत: बांग्ला भाषा में लिखा था।