नटरंग स्टूडियो में रविवार को हिंदी नाटक ‘दो कलाकार’ का मंचन किया गया। भगवती चरण वर्मा के लिखे और बलवंत ठाकुर के निर्देशन में मंचित नाटक में कलाकारों, साहित्यकारों और रचनाशील लोगों के संघर्ष और उनको पेश आने वाली दिक्कतों को दर्शाया गया।
नाटक की कहानी दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें एक चूड़ामणि कवि है और दूसरा मार्तंड चित्रकार रहता है। दोनों दोस्त बॉलीवुड में करियर चमकाना चाहते हैं। चूड़ामणि गीतकार, जबकि मार्तंड आर्ट निर्देशक बनना चाहता है। कोई खास काम नहीं होने के कारण वे अपने मकान मालिक को किराया तक नहीं दे पाने की स्थिति में होते हैं। जितनी बार भी मकान मालिक किराया लेने आता है, उतनी बार ही दोनों अपनी रचनाशीलता के आधार पर कोई न कोई कहानी गढ़ कर स्थिति को टाल देते हैं।
नाटक में मोड़ तब आता है, जब दोनों दोस्त मकान मालिक से बचने के लिए अपने आप को कमरे में बंद कर लेते हैं। मकान मालिक की तमाम कोशिशों के बाद भी जब दोनों दोस्त बाहर नहीं आते तो मकान मालिक जबरदस्ती कमरे में घुसकर दोनों को बाहर निकालता है।
इस स्थिति से बचने के लिए दोनों दोस्त नई कहानी गड़ते हैं। वह मकान मालिक को लालच देते हैं कि वह दिन दूर नहीं, जब वे दोनों महान कलाकार बन जाएंगे। उसका यह कमरा म्यूजियम बन जाएगा और हर दिन हजारों की संख्या में लोग उसके कमरे को देखने के लिए पहुंचेंगे, जिससे मकान मालिक को अच्छी कमाई हो जाएगी। मकान मालिक इस बार उनकी बातों में नहीं आता है और दोनों को घर से बाहर निकाल देता है।
अभिनव थियेटर में नाटक मिस लीला का मंचन
अभिनव थियेटर में जारी वार्षिक नाट्य उत्सव में रविवार को हिंदी नाटक मिस लीला का मंचन किया गया। लक्ष्य द एम ग्रुप की ओर से मंचित नाटक का निर्देशन विक्रम शर्मा ने किया।