नामबलान गांव में आरोपी एजाज अहमद गनी के नाम पर स्थित मकान को यूएपीए की धारा 25 के तहत कुर्क किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि इस संपत्ति का इस्तेमाल आतंकियों को पनाह देने, उन्हें रसद संबंधी मदद उपलब्ध कराने और आतंकी गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए किया गया था।
यह मामला आर्म्स एक्ट की धाराओं 7/25 और यूएपीए की धाराओं 13, 18, 19, 20, 23, 38 और 39 के तहत दर्ज है। पुलिस ने बताया कि संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक से आवश्यक मंजूरी ली गई थी।
पुलिस ने मकान पर सार्वजनिक नोटिस भी चस्पा किया है। इसके तहत संपत्ति को बेचने, हस्तांतरित करने, किराये पर देने, गिरवी रखने या किसी तीसरे पक्ष का हित बनाने पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई आतंकी संगठनों के लॉजिस्टिक और सहयोगी नेटवर्क को कमजोर करने तथा आतंकी गतिविधियों में मदद करने वाली संपत्तियों और लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रखने का हिस्सा है।