उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के राफियाबाद इलाके में शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने एक लश्कर आतंकवादी को मुठभेड़ में मार गिराया। उसके पास से एक एके 56 राइफल, तीन ग्रेनेड व भारी मात्रा में कारतूस जब्त किए गए हैं। उसकी शिनाख्त मुदासिर अहमद भट के रूप में की गई है। वह शतुआला का रहने वाला है।
उत्तरी कश्मीर के डीआईजी सुलेमान चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि सुरक्षा बलों को पुख्ता सूचना मिली थी कि राफियाबाद के शालू इलाके में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद 32 आरआर, सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन और एसओजी की संयुक्त टीम ने इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी,। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया। उसके पास से एके 56, तीन मैगजीन, दो ग्रेनेड और असाल्ट राइफल के 70 कारतूस बरामद किए गए हैं।
चौधरी के अनुसार, मुठभेड़ में मारा गया मुदासिर 7 मार्च को लश्कर में शामिल हुआ था। हाल ही में जानकारी मिली थी कि इलाके के चार लड़के लापता हैं। इनमें से तीन के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है। मैं उनसे अपील करता हूं कि वह लौट आएं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उत्तर कश्मीर में 23 आतंकी सक्रिय हैं।
आतंकी ने दागीं स्टील की गोलियां
डीआईजी चौधरी ने बताया कि मारे गए आतंकी ने मुठभेड़ के दौरान स्टील की गोलियों का प्रयोग किया था। आगे की जांच शुरू कर दी गई है और जो कुछ सामने आएगा वह साझा किया जाएगा। बता दें कि यह स्टील बुलेट्स चीन निर्मित हैं। इनका असर काफी घातक होता है। यह बुलेटप्रूफ जैकेट को भी भेद देती है।
सोपोर मुठभेड़ में भी दहशतगर्दों ने दागी थीं ये गोलियां
हाल ही में वारपुरा सोपोर में भी आतंकियों ने स्टील बुलेट्स का प्रयोग किया था और उसमें एक एसपीओ और एक स्थानीय मारा गया था। इससे पूर्व भी जून 2019 में अनंतनाग में हुए फिदायीन हमले में इनका प्रयोग हुआ था। इसमें जेके पुलिस का एसएचओ और सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हुए थे।