यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर रियासत के तमाम राष्ट्रीकृत बैंकों में बुधवार को कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इससे डेढ़ सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। हालांकि कुछ निजी बैंकों के खुले रहने से लोगों को राहत मिली, लेकिन हड़ताली बैंकों से कामकाज करने वाले लोगों को मायूस होना पड़ा।
पंजाब नेशनल बैंक के मुलाजिमों के हड़ताल में शामिल होने के कारण क्लीयरिंग हाउस का कामकाज नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार रियासत में कार्यरत 22 बैंकों की 1500 शाखाओं का कामकाज नहीं हुआ। इससे रोजाना बैंक ट्रांजेक्शन करने वाले व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शालामार स्थित पीएनबी शाखा के सामने बैंक अधिकारियों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। शहर के तमाम हड़ताली बैंकों में सुबह से ही ताले लटके मिले। जिन ग्राहकों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी, उन्हें बैंक से मायूस लौटना पड़ा।
शालामार स्थित पीएनबी शाखा के सामने बैंक अधिकारियों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। जम्मू प्रोविंस बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी अरुण गुप्ता ने बैंक कर्मियों की मांग को पूरी तरह जायज बताते हुए कहा कि बैंकों की नौ यूनियनों के साझा मंच यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ बातचीत में लचीला रुख अपनाया।
यूएफबीयू ने 23 फीसदी रिवाइज का आफर दिया था, लेकिन आईबीए का रुख सकारात्मक नहीं दिखा। इसी कारण बैंक मुलाजिमों को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।