बांदीपोरा। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटी गुरेज घाटी के बक्तोर और कंजलवन ब्लॉक के कई गांव अभी भी मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी से वंचित हैं। इससे स्थानीय लोग निराश हैं और छात्रों को डिजिटल शिक्षा के साथ तालमेल बिठाने में कठिनाई हो रही है। छात्रों के अनुसार उन्हें आज के आधुनिक युग में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने मोबाइल टावर लगाने की अपील के साथ संबंधित अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया। मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी का अभाव विशेष रूप से छात्रों के लिए निराशाजनक है जो ऑनलाइन कक्षाओं और शैक्षिक संसाधनों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
श्रीनगर में कोचिंग ली थी लेकिन अब वह यहां लौट आई हैं। इंटरनेट की आवश्यकता रहती है। ऑनलाइन सहायता लेने के लिए लेकिन इंटरनेट के अभाव के कारण वह ऑनलाइन सहायता नहीं ले सकती। सप्ताह में एक-दो बार नजदीक के सेना कैंप में जाना पड़ता है।
नौमान, छात्रा
आजकल डिजिटल इंडिया का दौर है और इसे में हमारे कई गांव बुनियादी इंटरनेट सुविधा से वंचित हैं। हम चाहते हैं कि जल्द ऐसी सुविधा हमें भी मुहैया कराई जाए।
सकीना अख्तर, छात्रा
चूंटवारी, नई बस्ती और नायल सहित बक्तोर-कंजलवन क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बुनियादी मोबाइल सेवाओं का अभाव है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि डिजिटल युग में ऐसी आवश्यक सुविधाएं क्षेत्र के लोगों के लिए एक दूर का सपना बनी हुई हैं।
- मुख्तार अहमद लोन, पूर्व बीडीसी
अपने हालिया दौरे के दौरान जमीनी हालात का जायजा लिया और स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि वह जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे।
- नजीर अहमद खान, विधायक गुरेज