- लोग बोले-सालों से बिजली की उपेक्षा ने जीवन कर दिया है दुश्वार
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी स्थित इजमर्ग, जालिंदोरा और चुटिवाड़ी गांवों के लोगों ने रविवार को बिजली विकास विभाग (पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट) के खिलाफ प्रदर्शन किया।
लोगों का आरोप है कि वर्षों से उन्हें विश्वसनीय बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही, जिससे सीमावर्ती दूर-दराज के इन इलाकों में जीवन बेहद कष्टदायक हो गया है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों गांवों को मात्र एक 60 केवी पुराना ट्रांसफार्मर से बिजली दी जा रही है जो पहले से ही ओवरलोडेड है। ये जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं दे पाता।
नतीजतन लगातार लो वोल्टेज और घंटों-घंटों बिजली गुल रहती है। घरों में बुनियादी उपकरण तक नहीं चल पाते, बच्चे अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि साल के ज्यादातर महीनों बिजली की स्थायी व्यवस्था नहीं रहती और हर गुजरते मौसम के साथ हालात और बदतर होते जा रहे हैं।
स्थानीय निवासी गुलाम मोहिद्दीन लोन ने कहा कि मजबूरी में प्रदर्शन करना पड़ा क्योंकि उनकी मांगों को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है। सर्दी का मौसम नजदीक है और हालात असहनीय हो चुके हैं। सीमावर्ती इलाके में रहने की अपनी चुनौतियां हैं। भारी बर्फबारी के दौरान गुरेज महीनों तक दुनिया से कट जाता है, ऐसे में हीटिंग, लाइटिंग और बुनियादी जरूरतों के लिए बिजली जीवन-मरण का सवाल बन जाती है। लोन ने चेतावनी दी कि बिजली संकट जारी रहा तो आने वाले दिनों में हालात और विकट हो जाएंगे। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, तापमान गिरने का इंतजार न करे।
एक अन्य ग्रामीण जहीर अहमद ने कहा कि अलग-अलग अधिकारियों से अनगिनत बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन सुधार नहीं हुआ। ट्रांसफार्मर लगातार ओवरलोडेड रहता है, जिससे गांवों में या तो लो वोल्टेज रहता है या घंटों अंधेरा छाया रहता है। लोग खुद को उपेक्षित और अनसुना महसूस कर रहे हैं जबकि उनकी मांगें बेहद जायज और मामूली हैं।
ग्रामीणों ने बांदीपोरा के उपायुक्त, गुरेज के एसडीएम और तहसीलदार गुरेज से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने मौजूदा ट्रांसफार्मर को अपग्रेड करने और स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की ताकि आगे और दुख न झेलना पड़े। लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई से प्रशासन में विश्वास बहाल होगा और गुरेज घाटी के कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाले लोगों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिलेगी।