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जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध, श्रीनगर में धारा 144, दो दर्जन से अधिक सदस्य गिरफ्तार

Fri, 01 Mar 2019 04:26 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • प्रतिबंध के बाद घाटी में जमात सदस्यों के घर छापे
  • डर से संगठन ने कार्यालयों से बोर्ड हटाए
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श्रीनगर लाल चौक - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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प्रतिबंध के बाद अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों की धरपकड़ के लिए वीरवार की रात छापेमारी की गई। दक्षिणी कश्मीर के कई स्थानों पर छापे मारकर सुरक्षाबलों ने संगठन से जुड़े दो दर्जन से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। श्रीनगर समेत कई इलाकों में जमात नेताओं के घर सील कर दिए गए। कई जगह दफ्तर पर भी ताला लगा दिया गया। कार्रवाई के डर से पूरी घाटी में जमात-ए-इस्लामी के कार्यालयों पर लगे बोर्ड संगठन की ओर से उतार दिए गए।

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केंद्र सरकार की ओर से वीरवार को संगठन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई। इसके बाद देर रात दक्षिणी कश्मीर के त्राल इलाके के लारिबल, पिंगलिश, डडसारा, पन्नेर, मंदूरा तथा लुरगाम में सुरक्षा बलों ने छापा मारकर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें त्राल व अवंतीपोरा से 11 तथा अनंतनाग से आठ लोगों की गिरफ्तारियां शामिल हैं। शुक्रवार को बांदीपोरा जिले के अजास इलाके में जमात की ओर से संचालित एक निजी स्कूल को सील कर दिया। हालांकि, बाद में इस स्कूल से सील हटा दिया गया। सूत्रों के अनुसार श्रीनगर में सैदपोरा, हारवान तथा बेमिना इलाके में बशीर अहमद लोन व गुलाम मोहम्मद भट के आवास संबंधित तहसीलदार की ओर से सील किए गए। बांदीपोरा व कुलगाम जिला प्रशासन ने जमात से जुड़े लोगों के आवास, दफ्तर, संस्थाएं तथा चल-अचल संपत्ति सील करने के निर्देश दिए हैं। शोपियां, पुलवामा, बांदीपोरा व अनंतनाग में संगठन का दफ्तर सील कर दिया गया।

ज्ञात हो कि 22 फरवरी की रात को पूरी घाटी में सुरक्षाबलों ने छापेमारी कर 150 से अधिक अलगाववादियों और पत्थरबाजों को हिरासत में लिया था। इनमें ज्यादातर जमात-ए-इस्लामी से जुड़े हुए थे, जिनमें संगठन के राज्य प्रमुख अब्दुल हमीद फयाज भी शामिल थे। संगठन ने दावा किया था कि छापेमारी में अमीर (प्रमुख) डॉ. अब्दुल हमीद फयाज और वकील (प्रवक्ता) जाहिद अली को गिरफ्तार किया गया था। बताते हैं कि जमात-ए-इस्लामी पर पहली बार बड़ी कार्रवाई हुई थी। संगठन पूर्व में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की राजनीतिक शाखा के तौर पर काम करता था। हालांकि, उसने हमेशा खुद को एक सामाजिक और धार्मिक संगठन बताया।
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महबूबा ने फिर छापेमारी व गिरफ्तारी की निंदा की
पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर जमात-ए-इस्लामी सदस्यों की गिरफ्तारी की निंदा की है। ट्वीट किया कि लोकतंत्र विचारों का संघर्ष है। प्रतिबंध के बाद जमात सदस्यों की गिरफ्तारी निंदनीय है। यह भारत सरकार का राजनीतिक मसले को बलपूर्वक हल करने का एक और उदाहरण है। नेकां महासचिव अली मोहम्मद सागर ने भी प्रतिबंध लगाए जाने की निंदा की है। इससे पहले 22 फरवरी को उन्होंने कहा था कि आप एक व्यक्ति को हिरासत में रख सकते हैं लेकिन उसके विचारों को नहीं। हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने भी कहा था कि बल प्रयोग और डराने से स्थिति केवल खराब ही होगी।

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