सह-आरोपी को जमानत मिलने और जांच पूरी होने के बाद 50 हजार के मुचलके पर रिहाई के आदेश
अदालत से
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। विजयपुर थाने में दर्ज मामले में आरोपी को पहले पुरानी एफआईआर की जानकारी नहीं देने के कारण जमानत नहीं मिली थी। अब दोबारा दाखिल जमानत अर्जी पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने आरोपी को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है। आरोपी गत 6 अगस्त से हिरासत में था।
अदालत के समक्ष आरोपी की ओर से कहा गया कि जांच एजेंसी को अब उसकी हिरासत की आवश्यकता नहीं है। वहीं, शिकायतकर्ता और अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी के पुराने आपराधिक मामले का हवाला दिया। अदालत ने पाया कि पिछली जमानत अर्जी में वर्ष 2023 में रामगढ़ थाने में दर्ज एफआईआर की जानकारी नहीं दी गई थी, जिसके चलते 3 सितंबर को अर्जी खारिज हुई थी। नई अर्जी में आरोपी ने उक्त मामले का पूरा विवरण और संबंधित रिकॉर्ड अदालत के समक्ष रखा।
अदालत ने यह भी देखा कि संबंधित पुराने मामले की घटना को लेकर आरोपी स्वयं एक अन्य एफआईआर में घायल/शिकायतकर्ता था। दोनों पक्षों के बीच पुरानी आपराधिक मुकदमेबाजी चल रही है। सभी गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के जमानती और निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने और प्रत्येक सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहने की शर्त लगाई गई।