चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने लगाई थी अग्रिम जमानत अर्जी
तत्काल आवेदन से इस अदालत के अलावा अन्य अदालत से नहीं किया संपर्क
जम्मू। बारामुल्ला के विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक अमरजीत सिंह लंगेह ने आय से अधिक संपत्ति मामले में करोड़पति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोहम्मद शफी राथर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि यह याचिकाकर्ता ने यहां जो तत्काल अग्रिम जमानत आवेदन दायर किया है। उसके पैरा 3 में उल्लेख किया गया है कि याचिकाकर्ता ने तत्काल आवेदन के माध्यम से इस अदालत के अलावा वर्तमान मामले में किसी अन्य अदालत से संपर्क नहीं किया है। लेकिन याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय के समक्ष पूर्वोक्त अग्रिम जमानत आवेदन के लंबित होने के तथ्य को छिपाया है। जो आगामी 17 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता के वकील ने शनिवार याचिकाकर्ता की उपस्थिति में आवेदन की प्रति दाखिल की। जिसमें उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष पूर्वोक्त अग्रिम जमानत आवेदन को वापस लेने की मांग की। इस बात को दोहराने की कोई आवश्यकता नहीं है कि सत्य को दबाना झूठ की अभिव्यक्ति के बराबर है।
याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय के समक्ष पहले की अग्रिम जमानत के लंबित होने के तथ्य को छिपाकर - न्याय प्रशासन को प्रभावित करने की प्रवृत्ति वाले इस न्यायालय के साथ केवल धोखाधड़ी की है। लिहाजा उसे जमानत नहीं दी जा रही है।