मरम्मत न होने से अपनी बदनसीबी पर पिछले काफी अर्से से आंसू बहा रही शीतकालीन राजधानी जम्मू की जख्मी सड़कों को अब नई सरकार से हीलिंग टच का इंतजार है।
कहने को तो दरबार शीतकालीन राजधानी जम्मू में है, लेकिन इस राजधानी के शहर जम्मू की तमाम मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
एमए स्टेडियम की सामने वाली सड़कें तो बुरी तरह से उखड़ चुकी हैं। आए दिन वाहन फिसल रहे हैं। ट्रांसपोर्ट नगर नरवाल की सड़कों में तो बड़े-बड़े गड्ढे तक पड़ चुके हैं। तवी के चौथे पुल वाली सड़क की हालत भी खराब है।
यही हाल शहर के अन्य तमाम इलाकों का भी है। टूटी-फूटी सड़कें आए दिन हादसों का कारण बन रही हैं। समाज सेवक सुभाष शास्त्री का कहना है कि शीतकालीन राजधानी जम्मू की सड़कों की तरफ पिछले काफी अर्से से पुरानी सरकार के अलावा मौजूदा प्रशासन का ध्यान नहीं गया।
सड़कों की हालत तो ऐसी हो चुकी है कि इसके कायापलट के लिए अब नई सरकार पर काफी कुछ दारोमदार रहेगा। सड़कों की हालत में सुधार खासतौर से मरम्मत कार्य के लिए नई सरकार को हीलिंग टच सड़कों से ही शुरू करना चाहिए।
शीतकालीन राजधानी जम्मू के अति व्यस्त ज्यूल चौक का इलाका हो या फिर शहर के इकलौते एमए स्टेडियम के सामने वाली सड़क की हालत। हर जगह खस्ताहाल सड़कों पर मरम्मत की जरूरत है। टूटी-फूटी सड़कें शहर की सूरत बिगाड़ रही हैं।