सांबा। केंद्र सरकार की योजना बैक टू विलेज के दूसरे चरण की सोमवार से शुरुआत हुई। जिले के सांबा, राजपुरा और नड ब्लॉक में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अधिकारियों ने पंचों सरपंचों के साथ ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। वहीं नए कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली।
नड ब्लॉक की मनानु पंचायत में स्कूल एजुकेशन की डिप्टी डायरेक्टर ममता शर्मा ने ग्राम सभा लगाई। इसमें पंचों व सरपंच के साथ अन्य लोग भी उपस्थित रहे। सरपंच सुनील चौधरी ने बताया कि उन्होंने प्रथम चरण में स्वास्थ्य सब केंद्र का दर्जा बढ़ाने की मांग उठाई थी जो पूरी हो गई है। उनके क्षेत्र में धार्मिक स्थल बाबा अबदूनाथ को पर्यटन स्थल बनाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वहां पर एक डैम है जिसे और अधिक ढंग से बनाया जा सकता है। बलोढ़ हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाने, हाईटेंशन तारें बदलने, पेंशन, नए राशन कार्ड बनाने की मांग रखी। सरपंच ने बताया कि पिछली बार उन्होंने खेल मैदान की मांग रखी थी, जिसे पूरा होने पर आज उसका उद्घाटन किया गया।
राजपुरा में ग्राम सभा में चेयरमैन राधेशाम ने प्रथम चरण में रखी मांगों को दोबारा बताया। चेयरमैन ने बताया की उन्होंने पावर स्टेशन को 10 एमवीए से 20 एमवीए करने, लड़कियों के सरकारी मिडिल स्कूल के लिए दस लाख फंड दिए जाने, 250 खंभे, पीएचई की चार किमी पाइप दिए जाने, सुजाना मार्ग के लिए दस लाख, सुजाना में खेल मैदान बनाए जाने की मांग रखी थी। मदून, सनूरा, चक सद्दा, मावा, सरथी व चचवाल में भी कार्यक्रम किए गए।
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कैली मंडी और रामनगर पंचायत ने किया बहिष्कार
कैली मंडी और रामनगर पंचायत ने बैक टू विलेज कार्यक्रम का बहिष्कार किया। सरपंच लब्लु सबयाल के अनुसार बैक टू विलेज के प्रथम चरण में दिए गए विकास कार्यों पर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। इस कारण उन्होंने बैक टू विलेज-2 कार्यक्रम का बहिष्कार किया है। उन्होंने बताया कि कैली मंडी पंचायत, रामनगर व रख अंब टाली पंचायत को आज तक ग्रामीण विकास विभाग में रजिस्टर्ड नही किया गया है। सरपंचों ने बैक टू विलेज के प्रथम चरण में अपनी जेब से धन खर्च किया, जिसका आज तक भुगतान तक नहीं किया गया। कहने को उन्हें 21 विभाग दिए गए जबकि ग्राम सभा में चार और पांच विभाग के कर्मचारी ही पहुंचते रहे। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई, कोई अमल नहीं हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों की हो रही अनदेखी
अमर उजाला ब्यूरो
मीरां साहिब। बैक टू विलेज के दूसरे चरण में अधिकतर पंचायतों के सरपंचों व पंचों की योजना का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा है। पंचायत दरसोपुर में कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग मिलखी राम (85) ने कहा कि वर्षों पहले बुढ़ापा पेंशन के लिए आवेदन किया लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
मिलखी राम का कहना है कि आजादी के बाद काफी बदलाव आया, लेकिन आज भी गरीब की सुनने वाला कोई नहीं। आयुष्मान योजना में ऐसे लोगों के नाम ही नहीं जिन्हें इसकी जरूरत है। अगर नाम हैं तो उन लोगों के जो आर्थिक तौर पर बेहतर हैं। बैक टू विलेज कार्यक्रम से तभी लोगों को लाभ मिलेगा जब सरकार की योजनाओं का विभाग के पास फंड उपलब्ध होगा। फंड नहीं होने पर योजनाएं कागजों तक ही सीमित हैं।
मरालिया पंचायत में कार्यक्रम के दौरान महिला कांता देवी का कहा कि तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त की राशि उपलब्ध होने के बाद तीन वर्ष बीत जाने के बाद दूसरी किस्त नहीं मिल पाई। ग्रामीण विकास विभाग के ग्राम सेवक से पूछने पर राशि उपलब्ध नहीं होने के लिए कहा जाता है। बन सुल्तान अपर पंचायत के सरपंच देवराज का कहना है कि सोमवार को बैक टू विलेज पार्ट टू की बैठक में लोगों का कैसे समाधान होगा। ब्लाक के अधीन न तो जरूरत के मुताबिक जेई है और न ही ग्राम सेवक। मीरां साहिब ब्लाकमें कई माह तक खंड विकास अधिकारी के स्थानांतरित होने पर कार्य नहीं हो पाए। ब्लाक में भ्रष्टाचार का बोलबाला होने पर कैसे विकास कार्य हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि बैक टू विलेज कार्यक्रम के चलते सोमवार को कोई लाभ नहीं हुआ। बन सुल्तान अपर पंचायत का भवन नहीं होने पर खाली पड़ी भूमि पर भवन निर्माण कराए जाने पर संबधित विभाग द्वारा एनओसी नहीं मिली।
ग्रामीणों से ली गई विकास के मुद्दों पर प्रतिक्रिया
जिले की 101 पंचायतों में बैक टू विलेज-2 कार्यक्रम शुरू किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
सांबा। बैक टू विलेज-दो कार्यक्रम सोमवार जिले की 101 पंचायतों में शुरू किया गया। जिला प्रशासन के सहायक कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारियों ने ग्राम सभाओं में भाग लिया और ग्रामीणों से उनके विकास संबंधी मुद्दों पर प्रतिक्रिया प्राप्त की। जिला विकास आयुक्त रोहित खजूरिया मुख्य योजना अधिकारी और अधिकारियों की टीम के साथ, स्वयं विभिन्न ग्राम सभाओं में शामिल हुए और लोगों से बातचीत की। ग्रामीण लाभार्थियों के बीच विभिन्न प्रोत्साहन वितरित किए।
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), एसडीएम विजयपुर और एसडीएम घगवाल ने अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम सभाओं में भाग लिया। डीसी ने गांव दियानी, पलुरा, मावा, सनूरा, रख अंब टाली, ब्लॉक घगवाल, राजपुरा और सांबा में ग्राम सभा में भाग लिया। उन्होंने पंचायतों में लाइन विभागों द्वारा स्थापित विभिन्न स्टाल का निरीक्षण किया और लोगों को जानकारी का प्रसार करने और घर पर शासन के उद्देश्य का अहसास कराया। डीडीसी ने लोगों की बात सुनी और उनके निवारण के आदेश जारी किए। विभिन्न स्थानों पर डीसी ने विकासात्मक योजनाओं की जानकारी दर्शाते हुए सार्वजनिक सूचना बोर्डों का निरीक्षण किया। लोगों को कई कें द्र प्रायोजित योजनाओं के बारे में जागरूक किया। इसमें पीएमकेएमवाई, पीएमजेडीवाई, बीबीबीपी और पीएमयूवाई के अलावा, पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन से मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में बताया गया।
डीडीसी ने बताया कि बैक टू विलेज प्रोग्राम का चरण दो सफलतापूर्वक जिले भर में संचालित किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन से विजिटिंग ऑफिसर, ब्लॉक कोआर्डिनेटर और सहयोगी स्टाफ को पहले से ही आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के अलावा उनके लिए जवाबदेह और सुशासन प्रदान करने के लिए उनके घर पर जनता तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि बैक टू विलेज कार्यक्रम के प्रथम चरण के दौरान लोगों द्वारा लगाई गई विभिन्न मांगें पूरी हुईं, जबकि वर्तमान चरण के बैक टू विलेज प्रोग्राम के दौरान, उनकी विकासात्मक आवश्यकताओं के संबंध में फीडबैक का पता लगाया जा रहा है और इसके अनुसार उठाए गए मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।