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बैक टू विलेज के लिए पंचायतों को 10-10 लाख का फंड नहीं मिला

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जम्मू। केंद्रित शासित जम्मू-कश्मीर में बैक टू विलेज अभियान के तीसरे चरण से पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तरफ से प्रति पंचायत दस लाख की राशि जारी करने की घोषणा अभी जमीन पर नहीं उतर पाई है। सरपंचों, पंचों के अनुसार दस लाख की राशि अभी पंचायत स्तर पर जारी नहीं हुई है। ऐसे में बैक टू विलेज के तहत विकास कार्यों को लेकर वे आशंकित हैं।
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आल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि कांफ्रेंस इस कार्यक्रम के पक्ष में है लेकिन अभी तक दस लाख रुपये भी जारी नहीं हुए हैं, जबकि सरकार से दस लाख की बजाय प्रति पंचायत 25 लाख की मांग उठाई गई है। वर्तमान में तीसरा चरण जारी है। लिहाजा पंचायतों को 75-75 लाख की राशि जारी होनी चाहिए। अन्यथा पंचायत स्तर पर जन आकांक्षाओं को पूरा करना मुश्किल होगा। पंचायत कोटली शाह दाउला के सरपंच बद्रीनाथ शर्मा ने कहा कि बैक टू विलेज एक और दो में बस कागजी काम हुआ। तीसरे चरण में भी जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आ पाया है।
जब तक संविधान का 73वां संशोधन जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होता, पंचायती सशक्तीकरण संभव नहीं हैं।
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महिला-बाल सभाओं का आयोजन
बैक टू विलेज अभियान - 3 के तीसरे दिन रविवार को प्रशासन की तरफ से सतवारी, मीरां साहिब ब्लाक की पंचायतों में महिला और बाल सभाओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के अलावा पांच से 18 साल तक के बच्चों और युवाओं की समस्याओं को सुना गया। इसी के साथ पांच ब्लाकों में अरनिया, सुचेतगढ़, आरएस पुरा, मीरां साहिब और सतवारी में बैक टू विलेज अभियान का समापन हो गया।
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बबलियाना पंचायत पहुंचे एसडीएम, समस्याएं जानीं
बबलियाना पंचायत घर पर तालाबंदी की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के तुरंत बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। डीसी सुषमा चौहान से लेकर एसडीएम और तहसीलदार सक्रिय हो गए। बबलियाना पंचायत की सरपंच सुनीता देवी और पूर्व सरपंच शमशेर सिंह चाढ़क ने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार ने पंचायत का स्वयं दौरा किया और उनसे भी संपर्क कर समस्याओं को जाना। अधिकारियों ने पंचायत के तहत विभिन्न गांवों और गुज्जर बस्ती का भी दौरा किया। हालांकि पंचायत घर को अभी बंद ही रखा गया है। अगर जन समस्याओं का अच्छे तरीके से समाधान होता है और पूर्व में किए वादे होने की तरफ प्रशासन के कदम बढ़ते हैं तो फिर ग्रामीणों से सलाह कर अगले अभियान में शामिल हुआ जा सकता है।
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