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Jammu News: बाबा सिद्ध गोरिया मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

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-मंदिर में माथा टेकने के लिए दिनभर लगी रही कतारें
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-मन्नत पूरी होने पर बैंडबाजों के साथ पहुंचे कई परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के स्वांखा में स्थित सिद्ध गोरिया मंदिर में वार्षिक मेले पर रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। जम्मू-कश्मीर के अलावा बाहरी राज्यों से भी लोग पहुंचे और पवित्र सरोवर में स्नान कर मंदिर में पूजा-अर्चना की।
मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। बाबा के दर्शन के लिए घंटों कतारों में खड़े रहे। श्रद्धालुओं ने माथा टेकने के बाद लंगर खाया। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। वहीं, जिला प्रशासन ने संगत की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। बिजली-पानी के पूरे प्रबंध थे। जालंधर से आए दंपती राकेश ने बताया कि मन्नत पूरी होने पर वह बैंड बाजों के साथ मंदिर में माथा टेकने पहुंचे हैं। पठानकोट निवासी रजनी ने बताया उनके संतान नहीं थी। स्वांखा मंदिर में मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर परिवार के साथ मंदिर में माथा टेका है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं जम्मू-कश्मीर के प्रभारी तरुण चुग, भाजपा प्रदेश प्रधान सत शर्मा, रामगढ़ से विधायक डॉ. देवेंदर मन्याल ने भी मंदिर में माथा टेका।
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मन्नत पूरी होने पर मंदिर में चढ़ाया जाता है गेहूं व नमक
अब यह मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल बन चुका है। जहां रोजाना संगत का आना-जाना रहता है। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर गेहूं और नमक चढ़ाया जाता है। सोमवार को यहां छिंज मेला करवाया जाएगा। इस दौरान भंडारा लगाया जाएगा।
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यह है मंदिर का इतिहास

मंदिर की देखरेख कर रहे श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर महंत बाबा भोलानाथ ने बताया कि श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर महंत श्रीराम रमईया महाराज 1958 में इस स्थान पर आए थे। उस समय यहां तीन वृक्षों के मध्य एक पिंडी थी, जो आज भी है। महंत ने यहां धूनी लगाकर पूजा-अर्चना की और यहीं स्वर्गवास हो गया। इसके बाद बाबा सिद्ध गोरिया ने यहां लंबे समय तक तपस्या की। वह गुरु गोरख नाथ के शिष्य थे। उनकी आध्यात्मिक शक्तियों और चमत्कारों के कारण लोग उन्हें बहुत मानते थे।
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