डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर वह दिल्ली में होते तो नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में जरूर शामिल होते। विपक्ष को रिकॉर्ड समय में नए संसद भवन बनाने के लिए सरकार की प्रशंसा करनी चाहिए जबकि वह सरकार की आलोचना कर रहे हैं। वह विपक्ष के बहिष्कार करने के सख्त खिलाफ हैं।
इससे पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी, महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनसे नौकरियां और जमीनें छीनी जा रही हैं। आजाद ने थन्नामंडी, कालाकोट, राजोरी शहर, दरहाल, आदि क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधिमंडलों से बात की।
कहा कि पार्टी सत्ता में आने पर लोगों की दुर्दशा के लिए मूकदर्शक नहीं बनेगी। लोगों की नौकरियों और भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए सभी राजनीतिक और कानूनी पहल करेगी। चिनाब और पीर पंचाल जैसे कुछ क्षेत्रों को और अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है क्योंकि वे चारों ओर से घिरे हुए हैं।
सरकारों ने उनकी अनदेखी की है। वहां नौकरी के अवसर और आर्थिक विकास नहीं हुआ। जब मैं जम्मू-कश्मीर सरकार का नेतृत्व कर रहा था, तो मैंने विशेष ध्यान दिया। उसके बाद से इस क्षेत्र की जरूरतों और आकांक्षाओं को कभी किसी ने नहीं समझा। कहा कि प्रशासन की वर्तमान व्यवस्था ने पीर पांचाल क्षेत्र के लोगों को परेशान कर दिया है।
जो अपने दरवाजे पर बेहतर शासन के पात्र हैं। उन्होंने क्षेत्र में विशेष भर्ती अभियान चलाने की मांग की। कहा कि डीपीएपी रोशनी अधिनियम को बहाल करेगी, क्योंकि इसके निरस्त होने से हजारों परिवार भूमिहीन हो गए हैं। मौके पर लोगों ने मांग की कि जिनके पास 20 साल से अधिक समय से जमीन है, उन्हें मालिकाना हक दिया जाना चाहिए था।
कर्नाटक की जीत से हवा में न उड़े कांग्रेस
दिल्ली में नए संसद भवन का पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों पहले ही कहा था कि नया संसद भवन बनना चाहिए। इसे मोदी सरकार में पूरा किया गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्हें पहले वाला जम्मू-कश्मीर चाहिए, जिसमें लोगों की अपनी सरकार थी।
यह नया जम्मू-कश्मीर मंजूर नहीं है। केंद्र सरकार को चाहिए कि जल्द जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दे। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस की जीत पर आजाद ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की जीत यह सुनिश्चित नहीं करती कि पूरे भारत में कांग्रेस सरकार बना पाएगी।
कांग्रेस खत्म हो चुकी है। कर्नाटक में जीत सिर्फ भाजपा के कुछ नेताओं की गलती से मिली है। कांग्रेस को इसे लेकर हवा में नहीं उड़ना चाहिए।